मनी ट्रांसफर (कियोस्क) की दुकान से पैसे ट्रांसफर कराने के बाद बिना पैसे दिए भागनेवाला अंतर्राज्यीय गिरोह का भोपाल पुलिस की सायबर टीम ने किया पर्दाफाश

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हर्षिता वंत्रप 

 मनी ट्रांसफऱ करने बाले दुकानदारो को बनाते थे अपना टारगेट ।
 पैसे ट्रांसफर होने के बाद कॉल करने का बहाना बनाकर दुकानदार का ध्यान भटकाते थे
 एक साथी दुकान के बाहर गाडी पर बैठकर करता था इंतजार ।
 घटना कारित होते ही आरोपी तेजी से गाडी से फरार हो जाते थे ।
 आरोपी कैमरे से बचने के लिए आने.जाने के लिए पतली गलियोध्रास्तो का इस्तेमाल करते थे ।
 आरोपियो द्वारा इस प्रकार की घटना लगभग 100 अन्य लोगो के साथ की गई है ।

भोपाल – भोपाल क्राइम ब्रांच पुलिस को  अंतर्राज्यीय  ठग गैंग को पकड़ने में बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में सायबर क्राईम ब्रान्च जिला भोपाल की टीम द्वारा मनी ट्रांसफर कराने के बाद बिना पैसे दिए भागने वाले  अंतर्राज्यीय आरोपियो को भोपाल (म.प्र.) से गिरफ्तार किया गया है।

आवेदक अमित यादव ने बताया कि एमपीऑनलाईन की कियोस्क संचालक करता हूं उक्त बिजनेस मे मेरे द्वारा के पोर्टल से मनी ट्रांसफर का किया जाता है  ।  दोपहर करीबन 03 बजे दो अज्ञात लडके मेरी दुकान के अंदर आए कुछ देर बाद उनमे से एक लडका दुकान से बाहर चला गया. एक लडका जो दुकान के अंदर था  बोला की मुझे 15000/. रूपये एक खाते मे ट्रांसफऱ कराना है. तो मैंने उससे पैसो के लिए बोला तो उसने अपनी जेब से पैसे निकालकर गिनकर 15000/- रूपये मेरे सामने टेबल पर रख दिए कन्फर्म होने के बाद मैंने 15000 रूपये दिए हुए खाते मे ट्रांसफर कर दिए पैसे ट्रांसफऱ करने के बाद मैं चार्जर उठाने के लिए जैसे ही नीचे झुका तो वह लडका टेबल पर रखे 15000 रूपये लेकर बाहर की तरफ भागा और बाहर खडी एक्टिवा से अपने दोस्त के साथ तेजी से भाग गया जिसके संबंध में आवेदक द्वारा कार्यालय सायबर क्राईम भोपाल में आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया है । जिसकी आवेदन जांच व तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपी मोबाईल नंबर एवं खाता के उपयोगकर्ता के विरूद्ध अपराध धारा 451,379,420 भादवि का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया ।

तरीका वारदात- 

आरोपीगण सबसे पहले कियोस्क मनी ट्रांसफर की दुकान को तलाश करते थे फिर दोनो व्यक्ति दुकान के अंदर जाकर देखते थे फिर एक व्यक्ति वापस आकर अपनी गाडी पर बैठ जाता था और एक दुकान के अंदर पैसे ट्रांसफर कराता था पैस ट्रांसफर होने के बाद आरोपी कन्फर्म करने के बहाने मोबाईल पर कॉल का बहाना बनाता जिससे दुकानबाले का ध्यान भटक जाये जैसे ही दुकानबाला कही और देखने लगता आरोपी बिना पैसे दिए दौड लगाकर गाडी पर बैठकर तेजी से भाग जाते है । आरोपी राजेश नागवानी पूर्व मे भोपाल मे सट्टा खिलाता था आरोपी राजेश के भोपाल मे कई स्थाई वारंट पेंडिंग है आरोपियो द्वारा इस प्रकार की घटना उत्तर प्रदेशए महाराष्ट्र एवं भोपाल मे करोंद निशातपुरा एवं ऐशबाग क्षेत्र मे भी की गई है ।

पुलिस कार्यवाही- 

सायबर क्राईम जिला भोपाल की टीम एवं थाना हनुमानगंज के सहयोग से अपराध कायमी के पश्चात तकनीकी एनालिसिस के आधार पर त्वरित कार्यवाही कर 02आरोपियो को गिरफ्तार किया गया हैं । आरोपियों से प्रकरण में प्रयुक्त एण्ड्रोईड मोबाईल फोन 01 नग एवं बैंक एटीएम कार्ड 02 नग एवं 02 सिमकार्ड को जप्त किया गया है ।

पुलिस टीम- 

उनि देवेन्द्र साहू, उनि अरविंद सिंह जाट, सउनि चिन्ना रावए प्रण्आरण् मुरलीएआरण् जितेन्द्र मेहराए आरण् अजीत रावए आरण् आदित्य साहू एआरण् सौरभए एवं आरण् पुष्पेंद्र ।

गिरफ्तार आरोपीगण- क्रण् नाम आरोपी निवास स्थल शिक्षा जाहिरा व्यवसाय

1- राजेश नागवानी उर्फ राजेश छूध् कबरा पिता गोप नागवानी नाला सोपारा पालघर मुंबंई अनपढ घटना स्थल के बाहर खडे होकर निगरानी करना एवं सहयोगी को लेकर तत्काल भाग जाना।

02- दीपेश इंद्रपाल सतनामी पिता इंद्रपाल सतनामी नामा सोपारा पालघर मुंबंई 10वी दुकान पर जाकर पैसे ट्रांसफर कराना एवं पैसे दिए बिना अपने सहयोगी के साथ भाग जाना।