नपा की अनदेखी के चलते जमकर फलफूल रहा अवैध भवन निर्माण कार्य

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दिलीप पाल 

  • नपा की अनदेखी के चलते जमकर फलफूल रहा अवैध भवन निर्माण कार्य—-
  • बिना एनओसी बिन नामातंरण बनाई जा रही बिल्डिंग नुमा
  • इमारत, फिर भी नहीं हो रही कार्यवाही ?
  • नपा को हो रहा लाखो का राजस्व का नुकसान
  • नपा को करना चाहिए अधिनियम की धारा 187 में कार्यवाही—-

आमला. नगर पालिका सिमा अंतर्गत आने वाले अठारह वार्डो में इन दिनों युद्ध स्तर पर अवैध निर्माण कार्य प्रगतिरत है।लोग नगर पालिका भवन निर्माण नियम कायदों को दरकिनार कर अपनी मनमर्जी से बिल्डिंगनुमा बहुमंजिला इमारतों का निर्माण करने में मशगूल है।बावजूद नपा के जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी अवैध भवन निर्माण कार्यो पर अंकुश लगाने में कोई कार्यवाही करते।नहीं देखे जा रहे है।जिस कारण जहाँ शहर का विकास अवरुद्ध हो रहा वहीं नपा के राजस्व में भी हानि हो रही है।वहीं नपा अधिनियमों का भी खुला उलंघन हो रहा है।बावजूद जिम्मेदार मौन है।
नवीन भवन निर्माण पूर्व एनओसी अनिवार्य——-
अगर बात करे नवीन भवन निर्माण कार्य की तो नगर पालिका नियमानुसार भवन निर्माण कर्ता को भवन निर्माण पूर्व नगरपालिका से नामांतरण करा एनओसी प्राप्त कर भवन निर्माण कार्य शुरू करना होता है।जिससे जहाँ भू स्वामी को सुविधा होती है।वहीं नगर पालिका को भी राजस्व का फायदा होता है।सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार नगर पालिका सिमा अंतर्गत आने वाले वार्ड क्रमांक 01 से 18 वार्डो में अधिकांश भवनों का निर्माण अवैध रूप से बिना एनओसी पूर्ण कर लिया गया है।साथ ही अधिकांश वार्डो में अवैध निर्माण कार्य प्रगतिरत है।लेकिन इन पर रोक लगाने वाले जिम्मेदार मौन है।शहर के जागरूक नागरिक ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया नपा के जिम्मेदार अधिकारी की अनदेखी के चलते नगर में अवैध भवन निर्माण कार्य बदस्तूर जारी है।जिससे नगर का विकास अवरुद्ध हो रहा।वहीं अवैध भवन निर्माण को बढ़ावा मिल रहा है।वहीं नपा के राजस्व को भी नुकसान हो रहा है।
नियमों का हो रहा उलंघन—–
नगर में इन दिनों नवीन भवन निर्माण के लिए भूमि स्वामी द्वारा निर्माण कार्य एवं नक्शा स्वीकृति नगरपालिका से ना लेकर सीधे भवन निर्माण किया जा रहा है।जिसके कारण नगर पालिका को राजस्व की हानि हो रही है।साथ ही नगरपालिका अधिनियम 187 का भी खुला उल्लंघन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि नगर में 1 सैकड़ा से अधिक भवन निर्माण किए जा रहे हैं। इसके बाद भवन निर्माण हेतु अनुज्ञा प्रमाण पत्र भूमि स्वामी द्वारा नहीं लिया जा रहा है।साथ ही नक्शा भी पास नहीं कराया जा रहा है।इतना ही नहीं भवन निर्माण में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का भी पालन नहीं किया जा रहा है।बिना अनुमति के भवन निर्माण करने से भविष्य में भवन क्षतिग्रस्त या गिरने पर नगर पालिका द्वारा भवन निर्माण को अवैध घोषित कर दिया जाता है। लेकिन अवैध भवन निर्माण पर नगर पालिका आमला सजग नहीं दिख रहा है।लोंगो ने बताया नगरपालिका के लोक निर्माण विभाग द्वारा शहर के सभी भवन निर्माण का सर्वे किया जाना चाहिए।सर्वे एवं उपयंत्री के निरीक्षण के पश्चात ही भवन निर्माण की अनुमति नियम से नगरपालिका को जारी करना चाहिए। लेकिन नगरपालिका इस और कोई ध्यान नहीं दे रही है।जिसके कारण नगरपालिका अधिनियम 187 का उल्लंघन किया जा रहा है।बताया जा रहा है कि आमला नगर पालिका सीएमओ भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। साथ ही शहरी विकास प्राधिकरण बैतूल के अधिकारी भी इस और कोई कार्रवाई करने में असमर्थ नजर आ रहे हैं। शहर के जागरूक लोगों ने जिला कलेक्टर से मांग की है। कि शहर में बन रहे अवैध भवन निर्माण कार्यो की जाँच कर रोक लगाई जाना चाहिये।वहीं बिना अनुमति के भवन निर्माण कर्ताओ पर नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाना चाहिये।
इन्होंने क्या कहा——————-
अगर शहर में बिना नियम विरुद्ध बिना अनुमति अगर भवन निर्माण कार्य कराया जा रहा है।तो में दिखवा कर जाँच करवाता हु।
नीरज श्रीवास्तव मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पालिका परिषद आमला।