संयुक्त संचालक लोक शिक्षण 21 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ाये

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रोहित नैय्यर ब्यूरो 

जबलपुर में संयुक्त संचालक लोक शिक्षण राममोहन तिवारी अपने आफिस में पदस्थत क्लर्क संतोष भटेले व एकाउटेंट अशोक कुमार शिवेदी के जरिए रिश्वत लेता रहा, आज भी राम मोहन तिवारी एकाउटेंट अशोक कुमार शिवेदी के जरिए 21 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े गए है. वे आफिस में पदस्थ भृत्यअनीशा बेगम से रिश्वत की रकम ले रहे थे. वे रिश्वत की राशि अपने खास क्लर्क के माध्यम से लेते रहे, लोकायुक्त टीम के हत्थे चढ़ते ही ज्वाइन डायरेक्टर की तबियत बिगड़ गई. लोकायुक्त टीम की कार्यवाही से आफिस में हड़कम्प मच गया था, देखते ही देखते आफिस में पदस्थ अन्य कर्मचारी से लेकर अधिकारियों की भीड़ एकत्र हो गई।

जिनके बीच तरह तरह की चर्चाएं व्याप्त रही.इस संबंध में लोकायुक्त डीएसपी जेपी वर्मा ने बताया कि ब्यौहारबाग स्थित संयुक्त संचालक लोक शिक्षण कार्यालय में 26 अगस्त 2021 को कम्प्यूटर चोरी की घटना हुई थी, जिसपर कार्यालय में पदस्थ महिला भृत्य अनीशा बेगम की विभागीय जांच को रोकने व मकान खाली न कराने के लिए संयुक्त संचालक राममोहन तिवारी ने 21 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की. महिला भृत्य अनीशा बेगम के बेटे मोहम्मद गुलजार ने इस बात की शिकायत लोकायुक्त एसपी अनिल विश्वकर्मा से की, इसके बाद आज कर्मचारी अनीशा बेगम का बेटा 21 हजार रुपए लेकर आफिस पहुंच गया, जहां पर संयुक्त संचालक राममोहन तिवारी के कहने पर गुलजार ने रिश्वत की रकम आफिस में पदस्थ एकाउटेंट अशोक कुमार शिवेदी को दिए,

जैसे ही क्लर्क ने रुपए लिए तभी लोकायुक्त टीम के अधिकारियों ने दबिश दे दी, लोकायुक्त की टीम को देखते ही क्लर्क कुर्सी से खड़ा होकर विवाद करने लगा, जिसे शांत कराया गया, इसके बाद संयुक्त संचालक राममनोहर तिवारी के कमरे में पहुंचकर कार्यवाही क ी गई, कार्यालय में लोकायुक्त टीम की दबिश से हड़कम्प की स्थिति निर्मित हो गई थी, देखते ही देखते कर्मचारी से लेकर अधिकारी एकत्र हो गए, यहां तक कि आसपास घूम रहे कर्मचारी भी पहुंच गए, जिनके बीच तरह तरह की चर्चाएं व्याप्त रही. लोकायुक्त टीम ने इस मामले में तीनों को आरोपी बनाया है.

 जेपी वर्मा,डीएसपी लोकायुक्त जबलपुर

 

 मोहम्मद गुलजार, शिकायतकर्ता