जानिए , मप्र से कब वापस होगा मानसून,दक्षिण-पश्चिम मानसून आधिकारिक तौर पर खत्म हो गया है.

Scn news india
मनोहर
भोपाल। राजधानी में लगातार मौसम करवट ले रहा है। हालांकि ये वक्त है बारिश की रुखसती का। ठंड के आगमन का लेकिन इन दिनों मौसम का मिजाज कुछ समझ नहीं आ रहा। कभी बारिश हो जाती है, तो कभी तीखी धूप लोगों को बेहाल कर देती है। ऐसे में सभी की जुबान पर यही बात है कि प्रदेश से मानसून देरी से वापस होगा, बहुत देर लगाएगा या अब जल्द ही वापसी हो जाएगी। मौसम विभाग के मानकों के अनुसार मानसून की वापसी कई लक्षणों पर निर्भर करती है। मौसम विशेषज्ञ ने इन लक्षणों और वर्तमान में शहर में इनके आंकड़ों का विश्लेषण किया है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून आधिकारिक तौर पर खत्म हो गया है। हालांकि सामान्य पैटर्न के विपरीत इस वर्ष मानसून की वापसी अभी तक नहीं हुई है। वास्तव में देश के कई हिस्सों में अभी बारिश की गतिविधिया जारी है। इसने मानसून 2021 की वापसी की प्रकिया में देरी कर दी है।
राजधानी में मानसून की वापसी सितंबर के तीसरे सप्ताह में शुरू होती आई है। मानसून के लगातार बदलते पैटर्न के बाद पिछले वर्ष मानसून आगमन की तारीख के साथ विदाई की तारीख भी बदली गई है। पहले भोपाल से मानसून विदाई की आधिकारिक तारीख 20 सितंबर थी, जिसे अब बढ़ाकर 30 सितंबर कर दिया गया है।
हालांकि मानसून वापसी की प्रक्रिया जल्द ही शुरू हो सकती है, क्योंकि हवा का पैटर्न बदलने के लिए तैयार है और अगले सप्ताह के मध्य में शुष्क हवाएं चलेंगी। घटती नमी और रुकी वर्षा वापसी का संकेत दे रहे हैं। हवाओं की दिशा बदलने और प्रदेश के अन्य हिस्सों से वापसी के साथ अगले दो सप्ताह के अंदर राजधानी से भी आधिकारिक तौर पर मानसून की वापसी हो जाएगी।
यह है मानक
मानसून राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों से अपनी वापसी शुरू करता है, जहां यह पहुंचता भी आखिर में है। अब इस क्षेत्र में शुष्क उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलनी शुरू हो गई हैं। धूप वाले दिनों के साथ नमी कम होनी चाहिए और दिन का तापमान काफी हद तक बढ़ जाना एवं रात का तापमान थोड़ा घटना चाहिए।