निर्मान स्थल पर न सड़क न मटेरियल, आहरण कर लिया 2 लाख से ऊपर की राशी

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अल्केश साहू/भरत साहू 

निर्मान स्थल पर न सड़क न मटेरियल, आहरण कर लिया 2 लाख से ऊपर की राशि।

सचिवों का काम कर रहे वेंडर, करवा रहे परसेंटेज बेस पर अधिकारी से फाइल पर साइन।

आठनेर : आठनेर ब्लाक के जनपद पंचायत और कुछ ग्राम पँचायत में अभी शासकीय राशि और जनता के पैसों का किस तरह बन्दबत लगी हैं की ” यह चोरों का बाजार लूट सके तो लूट ” कहावत चरितार्थ होते नजर आ रही हैं । जनता सरकार को दोषी मानती हैं और सरकार योजनाओं के माध्यम से आम जन को लाभ पहुँचाने में लगे हैं किंतु कुछ बिचौले और माल अंदर करने वाले कर्मचारी और अधिकारियों ने अपना काला बाजार बनाकर जनपद पंचायत आठनेर और ग्राम पंचायत का नाम और काम पर सवालों और छबि पर कालिख लगाने जैसा काम करने में कोई कसर नही छोड़ रहे।

मामला आठनेर ब्लाक के ग्राम पँचायत धामोरि के अंतर्गत आने वाले जामठी गांव में बनने वाली 100 मीटर सड़क का हैं जहाँ पर पिछले 3 वर्षो से जामठी के ग्रामीणो द्वारा पँचायत कार्यालय में जाकर गांव के अंदर अनेक सड़क , नाली निर्माण के लिये निवेदन किया गया जिस पर पँचायत सचिव द्वारा बस हव करवा देंगे करवा देंगे जैसे आश्वासन दिया जाते रहा है । अभी भी बिना ग्रामीणो की जानकारी के कामो की लागत की बंदरबाट लगाने गांव के अंदर पुलिया से जामगांव मार्ग का 100 मीटर सड़क निर्माण के लिये ले आउट डालकर बिना अधिकारी की जानकारी के 2 लाख से ज्यादा पैसा खाते से वेंडर के खाते में जमा हो गया । जब हमारे द्वारा स्थल निरक्षण और जमीनी हकीकत देखने पहुँचा गया तो देख कर दंग रह गए , न तो निर्माण स्थल पर सामग्री के नाम पर गिट्टी का ‘ ग’ और न रेत का ‘ र ‘ था जिस पर ग्रामीणो से पूछने पर अनेक जानकारी सामने आई जो पँचायत के धांधली की पोल खोलकर रखने वाली हैं । इस पर जब पँचायत सचिव से सम्पर्क करने की कोशिस की गई तो न उन्होंने फोन उठाया न तो वापस काल किया । सचिव श्री रामकृष्ण सोनारे के द्वारा फोन पर जवाब न देने पर पँचायत कार्यालय पहुँचे जहाँ पर ताला जड़ा था । आसपास पूछने पर आगे नव निर्माण आँगनवाड़ी और पँचायत भवन के पास सचिव महोदय सब इंजीनियर सचिन वास्केल के साथ अन्य कामो का लेआउट डालते मीले।

@ क्या है सचिव का कहना : जब उनसे सड़क निर्माण से सम्बंधित वर्तमान काम से ज्यादा राशि आहरण पर,व मटेरियल का न पाया जाना कि जानकारी ली गयी तो उन्होंने लापरवाही पूर्वक टालते हुए जवाब में कहा ‘ डलवा लेंगे न , बन जायेगी सड़क भी ‘ ।

@ वही पर जब इंजीनियर से इस पर पूछा गया तो उन्होंने कहा इस तरह से इतनी राशि का आहरण नियम विरुद्ध हैं । यह 14 वे वित्त से सड़क निर्माण होना हैं जिसका लेआउट कुछ ही दिन पहले डाला था, पार्ट टू पार्ट काम की पूर्णता पर राशी आहरण की जाती हैं । यह हमें भी गुमराह कर आहरण किया गया इस पर आज सम्बन्धी सचिव से पत्र लिखकर जवाब मांगा जायेगा ।

@ के पी राजौरिया (सीओ जनपद पँचायत आठनेर ) : आपके द्वारा जानकारी मिली हैं यह नियम के विरुद्ध हैं इस पर जाँच करवाई जायेगी , काम मे अनियमितता और अधिकारियों को गुमराह करने पर कार्यवाही की जायेगी ।

क्या हैं ग्रामीणो का कहना :

बबन देशमुख : सचिव कब आता हैं जाता हैं और न तो कामो की जानकारी मितली हैं जो संपन्न है उसको फायदा दिया जाता हैं जो जिसको आवश्यकता हैं वह बस इंतजार में रहता हैं ।

गंगाधर धोटे : सड़क निर्माण हो रही हैं इस तरह को कोई जानकारी नही , गांव के अंदर नालियों के निर्माण के लिये बोल – बोल कर थक गए पर सड़क का पानी घर मे घुसता हैं पर कोई नही सुनता।
पर्वत राव कवडकर : गांव में न तो कोई मनरेगा से काम मिला हैं न तो ध्यान दिया जाता हैं । ये सड़क देख लो बस गिट्टी का बेस ही हमारे लिये सड़क हैं , उस पर कोई बेरिक कोड डला न तो उस पर ध्यान दिया ।

जनपद पँचायत की जानकारी के अनुसार पिछले 1 वर्ष पहले विधायक श्री निलय डागा के दौरा कार्यक्रम के दौरान नाली निर्माण के लिये करने का पंचायत के कर्मचारी को कहा गया था जिस पर उस समय बजट न होने के कारण निर्माण कार्य नही किया गया। इस तरह से विधायक के आदेश को भी नजरअंदाज पँचायत के कर्मचारियों की हटता हो दिखता हैं । आज बजट होने पर इस तरह से शासकीय राशि का बंदरबाट अनेक प्रश्न खड़े कर रही हैं ।

इस तरह से शासकीय राशियों का और अपनी मर्जी से चहेते वेंडरों को एक साथ 2 लाख से ऊपर की राशि पर जिला प्रशासन द्वारा क्या कड़ा रुख करके इस तरह से काम मे लापरवाही बरतकर बिना काम आरंभ के पैसों का आहरण पर कार्यवाही की जाएगी अब देखने वाली बात है ।