फरिस्ते से कम नही होते रक्तदाता, कई लोगो को जीवनदान देकर देते है मानवता का परिचय

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दिलीप पाल 

आमला.रक्तदान सबसे बड़ा दान होता है, क्योंकि किसी का जीवन बचाने से ज्यादा नेक काम इस दुनिया में दूसरा नहीं हो सकता। इसी तरह रक्तदाता भी फरिश्ते से कम नहीं होता, जो मुश्किल समय में भी जीवन दान के लिए रक्तदान करता है। बात करें कोरोना काल की तो मुश्किल हालातों में भी शहर के ब्लड डोनर्स ने मानवता की मिसाल कायम करते हुए लोगों के लिए ब्लड डोनेट किया।
आइए सलाम करें शहर के कुछ ऐसे ही ब्लड डोनर्स को।

बहन ने भाई के लिए शाहपुर से बैतुल पहुँचकर किया रक्तदान
आज के युग मे कुछ ऐसे युवा है जो रक्तदान से घबरा जाते है और रक्तदान में आज भी महिलाएं बहुत पीछे है लेकिन वही शाहपुर की रहनेवाली चंपा बसकरे जिनके भाई राजेश को गम्भीर अवस्था मे रक्त की जरूरत पड़ी तो तत्काल शाहपुर से जिला चिकित्सालय पहुँचकर रक्तदान किया, वाकई ये महिला रक्तदाता को सलाम है जो कई महिला रक्तदाताओं के लिए प्रेरणा बनी।


छिन्दवाड़ा से बैतुल पहुँचकर किया रक्तदान
छिंदवाड़ा निवासी और नियमित रक्तदाता रमन साहू किसी कारण अपने कार्य से आमला आये थे लेकिन जैसे ही उन्हें जानकारी मिली कि जिला चिकित्सालय में किसी जरूरतमंद को A+ रक्त की जरूरत है तत्काल जिला चिकित्सालय पहुँचकर रक्तदान किया।
हालांकि रमन इसके पहले भी कई लोगो की जान बचा चुके है।
वही नीरज सरनेकर द्वारा सिर्फ एक कॉल पर जरूरतमंद के लिए जिला चिकित्सालय पहुँचकर अपने बहुमूल्य रक्त का दान कर मानवता का परिचय दिया।


दादाजी की पुण्यतिथि पर रक्तदान कर दी श्रद्धांजलि
अपनो के खास दिवस को यादगार कैसे बनाया जाता है ये आमला की जनसेवा कल्याण समिति से सीखे, शनिवार आमला निवासी जनसेवा कल्याण समिति के सदस्य आशीष कंचनपूरे ने अपने दादाजी स्व. रामगोपाल जी की पुण्यतिथि पर जिला चिकित्सालय पहुँचकर रक्तदान किया और दादाजी को श्रद्धांजलि दी।


जनसेवा कल्याण समिति आमला ने की रक्तदाताओं की सराहना
जनसेवा कल्याण समिति आमला के सागर चौहान ने सभी रक्तदाताओं को शुभकामनाएं देते हुए बताया कि निश्चित ये रक्तदाता बधाई के पात्र है जिन्होंने जरूरतमन्दों के लिए रक्तदान कर मानवता का परिचय दिया।
रक्तवीर अनिल पेशवे ने रक्तदाताओं की सराहना करते हुए कहा की ऐसे रक्तदाता किसी फरिस्ते से कम नही होते जो हर समय रक्तदान को तैयार होते है।