जर्जर मकानों को तोड़ने के लिए उपायुक्त और वकीलों में विवाद,दौड़ते नजर आये उपायुक्त

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रोहित नैय्यर  ब्यूरो 

जबलपुर के बड़ा फुहारा में नगर निगम कमिश्नर के निर्देश पर जर्जर मकानों को तोड़ने के लिए उपायुक्त अपनी टीम के साथ पहुँचे,जिस मकानों को तोड़ना था निगम की टीम उनका निरीक्षण कर रही थी कि अचानक से वहाँ खड़े वकीलों से किसी बात को लेकर निगम उपायुक्त की बहस हो जाती इतने में ही वकील और उसके साथी निगम उपायुक्त पर टूट पड़ते है,पूरे सड़क में निगम उपायुक्त दौड़ लगाते रहते है और वकील उनका पीछा करते है………

सचिन गुप्ता अधिवक्ता

जर्जर मकान तोड़ने पहुँचा था अमला……
बड़ा फुहारा के पास करीब एक दर्जन जर्जर मकान बने है जिन्हें की चिन्हित किया गया है उन्ही मकानों पर कार्यवाही करने के लिए जब निगम उपायुक्त मौके पर पहुँचे तो वहाँ वकील जिसने की वह मकान खरीद लिया था उससे विवाद हो गया इतना सुनते ही वकील शार्दूल सिंह और उसके साथियों ने निगम अधिकारी पर हमला कर दिया,किसी तरह जान बचाकर भागने में निगम अधिकारी कामयाब हुए……..

प्रति किराएदार मांग रहा था 1 लाख रु……
इधर वकील शार्दूल सिंह का कहना है कि उसने यह मकान ढाई लाख रु में खाली करवाने का केस लिया था इसके अलावा ढाई लाख रु और देकर वह उस मकान को खरीद रहा था पर निगम उपायुक्त वेद प्रकाश चौधरी प्रति किरायेदार एक लाख रु की मांग कर रहे थे जिसे मना किया तो उन्होंने अपने कर्मचारियों के साथ मारपीट कर दी…….

घटना के बाद विधायक भी पहुँच गए मौके पर……
इधर बीच सड़क पर एक निगम के अधिकारी के साथ हुई मारपीट के बाद विधायक विनय सक्सेना भी मौके पर पहुँच गए,विधायक ने बताया कि जिस जर्जर मकान को तोड़ने के लिए नोटिस दिए गए थे उसके पीछे कई और मकान बने है जिनसे नगर निगम ने कहा था कि अपने मकान को दुरस्त करा लें,वहाँ रहने वाले ने मकान ठीक करवाने के बाद नोटिस का जवाब भी दे दिया था…….