सट्टा खाईवाल के नाम साल्हेवारा थाना प्रभारी के सामने मृतक सरोज निषाद के समर्थक ने की नारे बाजी करते

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फाइल फोटो
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हेमंत वर्मा

साल्हेवारा – ज्ञात हो विगत दिन साल्हेवारा क्षेत्र के भाजीडोंगरी निवासी सरोज निषाद पिता विष्णु निषाद उम्र 24 साल ने अपने किराना दुकान पर फांसी लगा ली थी । मृतक सरोज निषाद मरने के पहले साल्हेवारा के सट्टा खाईवाल सोनु खान आसमीर खान के नाम सुसाइड नोट लिखा है ।जिसे पुलिस प्रशासन साल्हेवारा ने जांच का विषय बताकर सार्वजनिक नहीं किये जाने व आरोपियों की गिरफ्तारी नही करने से भाजीडोंगरी एवं साल्हेवारा के युवाओं में रोष ब्याप्त है।
साल्हेवारा बस स्टैंड में सोनू खान आसमीर खान का अपनी पार्टी के नेताओं के साथ बड़े बड़े फ्लैक्स बैनर पोस्टर लगे है जिंन्हे युवाओं के द्वारा नीचे उतारे व आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते उनकी फोटो को जलाने का प्रयास किये नेताओं की आड़ में शिकार करने वाले खाईवालों का चेहरा बेनकाब किये।
यहां यह बताना लाजिमी होगा सोनू खान आसमीर खान एवं उसका परिवार तीन अलग अलग पार्टीयो से जुड़े हुवे है।आसमीर खांन भाजपा अल्पसंख्यक पिछड़ा वर्ग का ब्लाक अध्यक्ष है ।सोनुखान जनता कांग्रेस जोगी का नेता है व विधायक प्रतिनिधि है।उसके परिवार पिता कांग्रेस पार्टी से जुड़े है ।जिससे अपने अपने नेताओं का साल्हेवारा बस स्टैंड पर जन्मदिन एवं अन्य शुभ अवसरों में क्षेत्रिय कार्यकर्ता एवं नेताओ के साथ बैनर पोस्टर लगा रखे थे ।
जिससे युवाओं ने जोरदार नारा बाजी करते सैकड़ो की संख्या में पहुँच कर बस स्टैण्ड से फोटो को उतारे है और आरोपियों के घर के सामने विरोध प्रदर्शन करते हुये नारा बाजी करते रहें।
भाजपा कांग्रेस जोगी कांग्रेस के बड़े नेता मृतक को श्रद्धांजलि देने व परिवार को सांत्वना ढाढस बंधाने अभी तक नहीं पहुचे है उनके माता पिता को किसी भी पार्टी चाहे वो स्थानीय,क्षेत्रीय हो प्रादेशिक व राष्ट्रीय स्तर का हो कोई भी मृतक का हालचाल जानने व किसी प्रकार की मदद करने औपचारिकता तक निभाने आज तक नही पहुंचा है। जिला,जनपद का नेता सांत्वना देना मुनासिब नहीं समझा जिससे प्रतीत होता है कि तीनों पार्टी के नेताओं का सट्टा खाईवालों को मौन समर्थन था कही न कही राजनेताओं का खुला संरक्षण मिल रहा है ऐसा प्रदर्शनकारियों का कहना व मानना है। पुलिस प्रशासन साल्हेवारा की संलिप्तता तो जगजाहिर है।युवाओं के द्वारा बार बार सट्टा खाईवालों के खिलाफ आवेदन दिया गया था पर आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
मृतक सरोज निषाद सट्टा के प्रति शहीद हो गया पर शासन प्रशासन को दया नहीं आई जिनके नाम सुसाइड नोट लिखा गया है उन्हें गिरफ्तार भी नहीं करना संदेह के दायरे में आता है ।सरोज निषाद जिस दिन से फांसी लगाई है उसी दिन से आरोपीगण फरार है सट्टा पुरा वनांचल में फिलहाल बंद है।
यदि जिनके नाम सुसाइड नोट लिखा गया है उनकी गिरफ्तारी जब तक नही होगी तब तक विरोध प्रदर्शन इसी तरह जारी रहेगा कुछ भी अनहोनी और होती है तो शासन प्रशासन की जिम्मेदारी होगी।कल रात जमकर नारेबाजी होती रही।