अपनी 10 सूत्रीय मांगों को ले कर ज्ञापन सौपेगा छत्तीसगढ़ राज्य आर. टी. आई. संघ

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हेमंत वर्मा 

रायपुर -छत्तीसगढ़ राज्य के आर. टी. आई. संघ ने सुचना पत्र जारी करते हुए अपने समस्त कार्यकर्ता एवं संविधान प्रेमियों से 21 सितम्बर समय – 11 बजे

मंगलवार को  स्थान – सचिव छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग अटल नगर , नवा रायपुर , रायपुर ( छ. ग. ) पंहुचने की अपील की है। संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी  ने बताया कि में  छत्तीसगढ़ आर. टी. आई. संघ  ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को ले कर  राज्य सूचना आयोग को ज्ञापन सौपने का निर्णय लिया है , जिस हेतु सभी आर टी आई कार्यकर्ता एवं संविधान प्रेमियों  से 21 सितम्बर समय – 11 बजे छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग कार्यालय पहुंचने की अपील की है  |

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ आर. टी. आई. संघ की 10 सूत्रीय मांगे निम्न हैं ।

1.छत्तीसगढ़ के आर. टी. आई. कार्यकर्ताओं को सुरक्षा देकर माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार श्री गौरव अग्रवाल विरुद्ध भारत शासन के आदेश को पालन करते हुए आर. टी. आई. कार्यकर्ताओं को सुरक्षा दी जाय ।

गत दिनों श्री सुरेंद्र वर्मा, कसही ब्लाक – पाटन, दुर्ग ने सूचना के अधिकार के तहत ग्राम पंचायत अमलेश्वर , गबदी, सेलुद , बेल्हारी में सूचना का अधिकार लगाने पर उसके ग्राम -कसही स्थित मकान को बर्बरता पूर्वक बुलडोजर चला कर गिरा दिया और उसे ये कहाँ कि भविष्य में सूचना का अधिकार लगावोगे तो तुम्हारा जीना दुश्वार कर देंगे ।

इतना ही नही सुरेन्द्र वर्मा की पत्नि श्रीमती राजेश्वरी वर्मा रोजगार गारण्टी के मैट के पद से हटा दिया और गांव का मध्यान भोजन का संचालन का अपना जीविका चलाते थे उस कार्य को ही छीन लिया और बोला यह सब सूचना का अधिकार लगाने के कारण है इसके बाद श्री सुरेंद्र वर्मा एवं श्रीमती राजेश्वरी वर्मा अपने विधायक एवं मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल जी के कार्यालय एवं उनके अनेक रिश्तेदारों से अपना दुखड़ा व्यक्त लिखित में किए मगर सभी ने सिवाय आश्वासन के कुछ नही मिला आज भी सुरेन्द्र वर्मा और उसकी पत्नी श्रीमती राजेश्वरी वर्मा सूचना के अधिकार लगाने का परिणाम भोग रहे हैं ।

इसी प्रकार श्री नथराम सतनामी को मुख्य सूचना आयुक्त श्री एम के राउत ने जानबूझकर जेल भेजने का प्रयास किया मगर माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर के आदेश से श्री नथराम सतनामी जेल जाने से बच गए ।

इसके अतिरिक्त असंख्य लोगों को मुख्य सूचना आयुक्त श्री एम के राउत ने ब्लैकमेलर बताते हुए जेल भिजवा दिया जबकि श्री एम के राउत के द्वारा बिना परमिशन के विदेश यात्रा का लाखों रुपया प्रतिदिन के हिसाब से होटल में रुकने का मामला भी उच्च न्यायालय बिलासपुर में लगा था ।

श्री एम के राउत के विरुद्ध महिला एवं समाज कल्याण विभाग में करोड़ों रुपए के घपले को लेकर के माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में एफ आई आर करने का आदेश दिया जिस पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली के अनुसार अभी मामला न्यायालय पर लंबित है ।

इसी तरह श्री किरीट ठक्कर, गरियाबंद को भी सूचना का अधिकार का आवेदन लगाने के चलते पुलिस के एफ. आई. आर. का दंश को झेलना पड़ रहा है

2. पुलिस विभाग, वन, जल संसाधन, कृषि, नगर पंचायत, ग्राम पंचायत व सभी विभागोँ भी सूचना के अधिकार की धारा 4 – 1 – ख को लागू करने ।

3 . छत्तीसगढ़ राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो एंटी करप्शन , छत्तीसगढ़ लोक आयोग में ईमानदारी से से सूचना का अधिकार अधिनियम को लागू किया जाए।

4. छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयुक्त में रिक्त पड़े 7 पदों की निष्पक्षता पूर्वक नियुक्ति हो रिटायर भ्रष्ट लोक सेवकों को बिल्कुल भी सूचना आयुक्त ना बनाएं पूर्व में देखा गया है कि चापलूस, रिश्वतखोर तथा अपंग जो ठीक से सुन नहीं सकते लिख नहीं सकते जिनको कुछ नजर नहीं आता ऐसे नालायक निकम्मे एवं भ्रष्ट कामचोर लोगों को राज्य में सूचना आयुक्त के पद में बैठाकर सूचना के अधिकार अधिनियम की धज्जियां उड़ाई गई थी ऐसे नालायक एवं भ्रष्ट लोगों को सूचना आयुक्त ना बनाया जाए ।

5. कठोर जन लोकपाल बिल { अन्ना जी } को छत्तीसगढ़ में लागू किया जाय ।

6. सभी लोग सेवकों की चल अचल संपत्ति तथा उनके बच्चे कहां-कहां पड़ रहे हैं उन्हें शासकीय वेबसाइट में सार्वजनिक किया जाए ।

7.सभी लोग सेवकों के बैंक अकाउंट तथा उनके सर्विस बुक के समस्त पन्नों की फोटोकॉपी सूचना के अधिकार के तहत दिया जाना चाहिए

8.जो जन सूचना अधिकारी एवं प्रथम अपीलीय अधिकारी लगाता सूचना के अधिकार के आवेदनों को खारिज कर जानकारी नहीं देते उन्हें तत्काल बर्खास्त किया जाए ।

9.छत्तीसगढ़ के भ्रष्ट लोक सेवकों को संपत्ति जप्त करने वाले कानून के तहत उनकी संपत्ति को ज़ब्त कर उन्हें कारागार में डाला जाए ।

10. शहीद आर. टी. आई. कार्यकर्ताओं के परिजनों को राज्यसभा व निगम, मंडल में स्थान देकर सम्मानित करें तथा 15 अगस्त एवं 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्व में ईमानदार व्यक्ति के हाथों उन्हें सम्मान दिया जाना चाहिए।