ब्रह्माकुमारीज रोहित नगर में गणेश उत्सव का समापन

Scn news india

हर्षिता वंत्रप 

  • बुरी वृतियों का करें विसर्जन – .के डॉ रीना बहन
  • ब्रह्माकुमारीज रोहित नगर में गणेश उत्सव का समापन
  • गणेश जी के आध्यात्मिक रहस्यों को समझकर चलने से हे ही होगा विघ्न विनाश

भोपाल-गणेश जी के सभी हाथों में क्रमशः कुल्हाड़ी, मोदक, रस्सी तथा वरदानी हाथ दिखाया जाता है,  जो यह दर्शाता है कि हमें मोह, माया, विकारों को सत्कर्म रूपी कुल्हाड़ी से काटकर एक दूसरे को स्नेह रुपी रस्सी से बांधकर रिश्तों में मधुरता रूपी गुण अपनाना चाहिए।

       उन्होंने  कहा कि मोदक का अर्थ हमारे जीवन के परिश्रम का फल एवम् उसकी खुशी का प्रतीक है। बड़े कान किसी की निंदा चुगली नहीं सुनने का प्रतीक है, छोटा मुख कम बोलना एवं अधिक सुनने का प्रतीक है। छोटी आंखें अर्थात एकाग्रता से परिस्थिति को परखना फिर निर्णय लेने का प्रतीक है।

बड़े पेट का अर्थ दुनिया में हर प्रकार की बातों को सुनते, देखते हुए समाने की क्षमता का प्रतीक बताया। एकदंत बुराइयों को मिटाकर अच्छाइयों को धारण करने का प्रतीक है। वरदानी हस्तों का मतलब सदा हमेशा हर एक मनुष्य आत्मा को शुभ भावना देते रहना। रस्सी जीवन में उच्च लक्ष्य तक पहुंचाने का प्रतीक है। गणपति जी के मूसक वाहन का रहस्य बताते हुए कहा कि हमें अपनी कर्मेंद्रियों एवं अशुद्ध विचारों को नियंत्रण में रखते हुए जीवन को संयमित रखकर जीना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि यदि हम जीवन में गणेश जी के इन सभी गुणों को धारण कर लेते हैं, तो परमपिता परमात्मा शिव जी के द्वारा हमें दिव्य बुद्धि के साथ साथ यथार्थ निर्णय करने की शक्ति प्राप्त होती है।

जिसके द्वारा जीवन में संतुष्टता बनी रहती है और जीवन की सभी मुश्किलें, कठिनाइयां सहजता से ही समाप्त हो जाती हैं। गणेश चतुर्दशी बुराईयों का विसर्जन करने और दिव्य गुणों का सृजन करने का पर्व है | उक्त विचार प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्व विद्यालय के रोहित नगर सेवा केंद्र पर आज गणेश उत्सव के समापन के उपलक्ष्य पर सेवाकेन्द्र प्रभारी बी के डॉ रीना बहन नें व्यक्त किए | उन्होंने बताया कि गणेश जी के आध्यात्मिक रहस्यों को समझकर चलने से हे ही होगा भारत वर्ष से विघ्नों का  विनाश होगा |

विघ्न विनाशक गणपतिजी से बहुत ही श्रृद्धा एवं भावना के साथ प्रार्थना की गई। इस भव्य कार्यक्रम में भगवान भोलेनाथ, माता पार्वती एवं गणेश जी की झांकी भी सजाई गई। । सभी भाई बहनों ने मिलकर भारत वर्ष को समाप्त करने हेतु गणपति जी की  विशेष आरती की। कार्यक्रम में बी के द्वारिका बहन, बीके पिंकी बहन, बीके कुंती बहन, बीके रावेन्द्र  भाई,  बीके सुरेश, बीके राहुल भाई , बीके सतीश, बीके राम, बी के गौतम आदि उपस्थित थे।