तामिया महाविद्यालय से मेरे सार्वजनिक जीवन का प्रारम्भ हुआ- सुश्री अनुसुइया उइके राज्यपाल छत्तीसगढ़

Scn news india

नितिन दत्ता वरिष्ठ पत्रकार 
बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति में सहयोग की घोषणा।
छात्र-छात्राओं से भी गूगल मीट के माध्यम से हुई रूबरू

राज्यपाल सुश्री अनुसुइया उइके अपने चार दशक पूराने तामिया महाविद्यालय के सहयोगियों से मिलकर और प्राचार्य डॉ महेन्द्र गिरि के मार्गदर्शन में छात्र हित में किये जा रहे नवाचारों को जानकार अत्यंत प्रसन्न हुई। यह महत्वपूर्ण मुलाकत छिन्दवाड़ा आई महामहिम राज्यपाल से सर्किट हाउस में हुई।

महामहिम राज्यपाल ने कहा कि उनका सार्वजनिक और राजनीतिक सफर तामिया से ही प्रारम्भ हुआ। उन्होंने बताया कि 1982 से तीन वर्ष वे तामिया महाविद्यालय में प्राध्यापक पद पर कार्यरत रही थी। महाविद्यालय का वह प्रारम्भिक दौर था, स्टूडेंट्स कम ही थे किंतु उन्होंने सेवाभावना से उच्च शिक्षा के लिए वातावरण बनाने का काम किया था। सुश्री उइके ने NSS के संस्थापक डॉ. सुब्बाराव और डॉ आई.एम.एन. गोयल को याद करते हुए बताया की वे NSS की गतिविधियों में सक्रिय रही थी उन्होंने कहा कि तामिया से देलाखारी और बिजौरी तक रोड के किनारे जो हरियाली है उसमें उस दौर के NSS उनकी बडी भूमिका रही है।

उन्होंने महाविद्यालय के वर्तमान प्राचार्य डॉ. गिरि के कुशल मार्गदर्शन में महाविद्यालय द्वारा छात्र-हित मे किये जा रहे विभिन्न नवाचारों, लॉकडाउन अवधि में 12 वेबीनारों का आयोजन कर प्रदेश में रिकार्ड बनाने व गूगल मीट द्वारा निरन्तर छात्रसंवाद कर छात्रों को मार्गदर्शन प्रदान करने, समस्या के त्वरित समाधान करने, चालीस वर्षो की जानकारी को संकलित कर पत्रिका आदितरंग के प्रकाशन जैसे श्रमसाध्य कार्यो की प्रशंसा करते हुए महाविद्यालय के स्टाफ व विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ आने हेतु आमंत्रित किया। राज्यपाल महोदया ने इस अवसर पर गूगल मीट के माध्यम से तामिया महाविद्यालय के विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि “यह गर्व के साथ याद रखना कि तुम्हारे कॉलेज से प्राध्यापक की नौकरी प्रारंभ कर मैं आज राज्यपाल जैसे उच्च पद पर पहुँची हूँ। आप सब भी पूरी तन्मयता से पढ़ाई कर,सफलता की नई बुलन्दी को छूकर तामिया का नाम रोशन करें।”अपने तामिया महाविद्यालय की प्राध्यापक रही सुश्री उइके से रूबरू होकर छात्र-छात्राएं अभिभूत हो गए।

इस अवसर पर महाविद्यालय में राज्यपाल सुश्री अनुसुइया उइके के साथ तामिया महाविद्यालय में रहे प्राध्यापक डॉ. एस.पी. बिनाकिया,लोखंडे बाबू के साथ उन्होंने पुरानी स्मृतियों को साझा किया, महाविद्यालय के अन्य उपस्थित सदस्यों डॉ. मालती बनारसे, प्रो. नवीन यादव एवं क्रीडा अधिकारी श्री राजेन्द्र झाझोट सहित प्राचार्य ने उन्हें महाविद्यालय की बुनियादी आवश्यकताओं बाउंड्रीवाल,pg कक्षाओं,जीर्ण शीर्ण भवन, खेल मैदान,कंप्यूटर लैब, छात्रावास, स्टाफ क्वाटर की जरूरतों से रूबरू कराया उन्होंने सहयोग का आश्वासन दिया तथा शीघ्र तामिया आने की घोषणा की।