बस में शिक्षक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, शिक्षक की मौत छोड़ गई अनसुलझे सवाल, हत्या हादसा संदेह के घेरे में

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प्रद्युमन फौजदार
बड़ामलहरा/एक सरकारी शिक्षक की संदिग्ध परिस्थितियों में भोपाल से लौटते वक्त बस के स्लीपर में मौत हो गई जिसको लेकर तरह तरह की चर्चाएं जारी है।बडामलहरा विकास खंड़ की शासकीय प्राथमिक पाठशाला बरेठी में पदस्थ शिक्षक खिरकुवां गांव निवासी 56 बर्षीय श्यामलाल पिता शिवदीन यादव गुजरी 17 दिसम्बर को शाम 05 बजे अपने घर ख़िरकुवां से निजी अल्टो कार क्रमांक एमपी 16 सी 9279 से रजपुरा निवासी वीरेंद्र यादव के साथ बैंक ऋण के सम्बन्ध काम से घरवालों से भोपाल जाने का कहकर निकले थे लेकिन शाहगढ़ में उनकी कार खराब हो गयी जिसे उन्होंने वहीं मैकेनिक के पास खड़ा कर 5 हजार रुपये में किराए की जीप लेकर भोपाल रवाना हो गए 18 दिसम्बर को दिन में अपना काम निपटा कर उसी रात को वह नफीस कम्पनी की स्लीपर कोच रीवा इंदौर बस क्रमांक एमपी 19 पी 1285 में 10और 11 नम्बर का डबल बर्थ बुक करा कर वापिस ख़िरकुवां हेतु कायन तिगड्डा आ रहे थे । लेकिन उनके साथ गया रजपुरा निवासी वीरेंद्र यादव के अनुसार वह शाहगढ़ में बस से श्याम लाल का मोबाइल व 3600/- रुपये लेकर अल्टो गाड़ी उठाने के लिए उतर गया जबकि शिक्षक श्याम यादव बस की बर्थ पर सोते रहे जब सुबह वीरेंद्र ने श्याम लाल के फोन से शिक्षक के लड़के अमर यादव को फोन लगा कर पूछा कि तुमने अपने पिताजी को बस से उतार लिया तो अमर ने बस नम्बर पूछा तब तक बस रीवा के लिए निकल गयी थी। घर के लोग बड़ामलहरा आये और बुकिंग करने वाले रामस्वरूप नामदेव से बस कंडक्टर का नम्बर पूछा और शिक्षक के बारे में पूछा कंडक्टर से पूछा जिसपर कंडक्टर ने बस की तलाशी ली जिसमें शिक्षक का शव बर्थ पर बैग सहित मिला कंडक्टर ने बस को पुलिस लाईन में खड़ी करवाकर उनके परिजनों को वहीं बुलाया।

तब कही परिजन शिक्षक का शव तथा बेग जिसमें 3लाख8 हजार का चेक बैंक पासबुक एवं उनके अन्य दस्तावेज लेकर 19 तारीख की रात अपने घर लेकर आये जहां उन्होंने श्यामलाल की गर्दन में नाखूनों के निशान देखे जिसकी सूचना सुबह बडामलहरा थाना पुलिस को दी पुलिस ने शून्य पर मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम उपरांत परिजनों को सौंप दिया है।बस में हुई शिक्षक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की गुत्थी हत्या या हादसा के साथ जोड़कर वीरेन्द्र यादव, बस स्टाफ व अन्य सवारियों से पूछताछ कर ही सुलझने के आसार है ।फिलहाल शिक्षक की मौत गंभीर संदेह के घेरे में है।

आखिर बस स्टॉफ ने क्यों नहीं देखा सवारी को?
सामान्य तौर पर बस कन्डक्टर को पता होता है उसकी बस में कहां- कहां की सवारियां सवार है और वह पहुंचने वाले स्टाप पर आवाज लगा कर या बर्थ से जगा कर बस से सवारी को उतारता है लेकिन उक्त बस के स्टाफ ने ऐसा नहीं किया जो संदेह के घेरे में है।

साथी भी दे रहा गुमराह करने वाली जानकारी

शिक्षक के साथ गये वीरेंद्र यादव के अनुसार बंडा में श्यामलाल ने गाड़ी लाने के लिये उसे शाहगढ़ में उतरने के लिए बोला 3600 रुपये दिए अपना मोबाईल दिया और वह उनके साथ सो गया लेकिन शाहगढ़ में उतरने से पहले उसने शिक्षक को जगाया नहीं और न, ही कोई बात की तथा परिजनों को भी बस पहुंचने की देरी से जानकारी दी।

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