दूनिया के रचियता विश्वकर्मा जंयती वनांचल साल्हेवारा क्षेत्र में धूमधाम से मनाया गया

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हेमंत वर्मा 

साल्हेवारा संवाददाता – दूनिया का निर्माण करने वाले विश्वकर्मा भगवान की पूजा पाठ सभी ठेकेदार ट्रासपोर्टर राजमिस्त्री कारीगर भगवान विश्वकर्मा की जंयती बड़े धूमधाम से मना रहे है।बिजली विभाग साल्हेवारा में लाइनमेन मनीष थापा सहित पूरा बिजली अमला चार पहिया मालवाहक बोलेरो वाहन में भगवान विश्वकर्मा की विशालकाय प्रतिमा अभी खरीदकर ले गए व बिजली आफिस में विधि विधान से स्थापित कर पूजा अर्चना कर भगवान विश्वकर्मा से प्रार्थना की अपनी सामूहिक प्रार्थना में उन्होंने साल्हेवारा में बदहाल चल रहे विद्युत प्रवाह को नियमित करने व बार बार फील्ड में दौड़ने भागने से मुक्त रखने की प्रार्थना की व वनांचल की बिजली व्यवस्था सदैव बहाल बनी रहे,विद्युत आपूर्ति सदा बनी रहे ऐसी संपूर्ण मन से प्रार्थना की।गांव गांव में सल्हेवारा से भगवान विश्वकर्मा की मूर्तियां ले जाने का सिलसिला बना हुवा है सहसपुर के ठेकेदार व राजमिस्त्री लोकेश नायक ने भी दल बल के साथ भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा अपने गांव ले जाकर स्थापित की। आदिकाल से विश्वकर्मा भगवान समस्त सृष्टि के रचनाकर रातों रात किसी ग्राम व शहर मंदिर का निर्माण अपने मनोयोग से रचा करते थे ।
द्वापरयुग में सुदामा का नगर एक रात में ही बना दिया भगवान कृष्ण के आदेश का पालन करते हुये ।भगवान विश्वकर्मा की पूजा करके सभी कर्मकार आज के दिन पुरे साल भर के काम काज की प्रगति व सुख शांति के लिये हमेशा से करते आ रहे है ।

भगवान विश्वकर्मा एक ऐसा निर्माण करते थे जो संसार के विभिन्न मंदिरों में विचित्रता का दृश्य विद्यमान है ।जो पत्थरों की शिलाओं पर अजुबें कुरेद कर बनाया गया है जो वर्तमान समय में उस कलाकारी की नकल करना संभव नही है जो हजारों वर्ष पहले का है ।
किसी भी निर्माता या कंपनी जब बड़े से बड़े पुल पुलियों या ब्रिज का निर्माण करतें है तो भगवान विश्वकर्मा की पुजा पाठ कर शुभारंभ करते है ।जितने भी कारीगर है या हार्डवेयर संबधित विक्रेता है जो लोहे के सामाग्री का ब्यपार से जुड़े है भगवान विश्वकर्मा को अपना आदर्श मानते है ।जिससे रोजगार में बढोतरी होती है बरकत बनी रहती है आय व कार्य में वृद्धि होती है।समस्त वनांचल साल्हेवारा क्षेत्र में धूमधाम से मनाया गया। विश्वकर्मा जंयती यह पर्व हर साल 17 सिंतबर को मनाया जाता है ।इस पर्व पर आज के दिन बड़े बड़े उद्योग जगत फैक्ट्रीयों में अवकाश रहता है बड़ी बड़ी हाई प्रोफाइल विशालकाय मशीनों की पूजा करतें है मलाजखंड ताम्रपरियोजना भिलाई स्टील प्लांट जैसे भारी भरकम मशीनें आज के दिन आराम करती है। व ताम्र परियोजना आज के दिन लोगो के दर्शनार्थ अवलोकन हेतु दिन भर खुला रहता है आज ही के दिन अन्य लोगो के देखने के लिए यह ताम्र परियोजना खुली रहती है।मलाजखंड में आज के दिन उत्सव व मेला जैसा माहौल बना रहता है।।
विश्वकर्मा भगवान की जयन्ती हर्षोल्लास से मनायी जाती है।