मंडला–“” ऐशियन ओपन बिल्ड””.. पछी..

Scn news india

अमित चौरसिया ब्यूरो 

ग्रामीण मानते हैं इन्हें देवदूत..
क्युकी इनके आने से होती हैं अच्छी बारिश..
वर्षा काल के समय मे सैकडो कीं संख्या मे मंडला छेत्र मे पहुंचते हैं ये पछी..इनके प्रजनन काल के लिऐ हैं ये माकूल स्थान..
तालाब और नदियो के पास बनाते हैं अपना आशियाना..
दीपावली के बाद अपने बच्चो क़ो उड़ान सिखाकर ले जाते हैं दूसरे बडे जलाशय की ओर….
पीपल इमली जामुन के पेड़ों पर बनाते हैं अपना आशियाना….
ऐसियन ओपन बिल्ड पछी बांग्लादेश चीन मलेशिया म्यांमार नेपाल श्री लंका आयरलैंड और वियतनाम मे पाए जाते हैं..
देखिये खास रिपोर्ट..

मंडला जिले मे कान्हा नेशनल पार्क जो कीं वन्य जीवो के लिऐ विश्व प्रसिध्द हैं ..तो वही मंडला जि़ला जैव विविधताओं से भी परिपूर्ण हैं.. हम बात कर रहे हैं वन्य जीवो के अलावा कुछ खास पछीयो कीं जो कीं खास मौसम मे ही यहा पहुंचते हैं और इनके आने से किसानो के चेहरे पर खुशी आती है..

मंडला से करीब 18 किलोमीटर दुर बहमनी नगर परिषद इलाके मे ऐशियन ओपन बिल्ड पछी देखा जा रहा है..जो कीं कौतुहल क़ा विषय बना हुआ हैं.. यह पछी एक तालाब के पास पेड़ पर देखे गऐ.. जो क़ी कभी पेड़ों के पास मंडराते या अपने बच्चो के साथ खेलते नजर आ रहें हैं..

जानकारों क़ा कहना हैं कीं ये प्रवासी पछी हैं इनका आना शुभ संकेत होता हैं जो केवल बारिश के समय ही पहुंचते हैं.. और कुछ चुनिंदा पेड़ों पर रहकर प्रजनन करते हैं और अपना घोसला भी बनाते हैं और अंडे देते हैं.. फिर बच्चो के जन्म के बाद उन्हें उड़ान के गुण सिखाकर दीपावली के पहलें अन्य बडे जलाशयों कीं तरफ चले जाते हैं..

 प्रशांत श्रीवास्तव..पक्षी विशेषज्ञ ..