कांग्रेसियों का महंगाई और भ्रष्टाचार को लेकर मकरोनिया नगर पालिका का घेराव, पुलिस से हुई धक्का-मुक्की, बैरिकेड्स उखाड़ने की कोशिश की, प्रदर्शन के दौरान फेंके अंडे और टमाटर

Scn news india

शिवम सागर 

सागर में महंगाई, भ्रष्टाचार समेत 18 सूत्री मांगों को लेकर बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने मकरोनिया नगर पालिका का घेराव किया। कांग्रेसी रैली निकालकर बैलगाड़ी पर सवार होकर नगर पालिका पहुंचे। यहां कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। साथ ही विरोध में नगर पालिका के गेट पर अंडे और टमाटर फेंके। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा में लगे बैरिकेड्स उखाड़ने की कोशिश की। हालांकि पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए कांग्रेसियों को रोका तो दोनों के बीच जमकर झड़प हो गई। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।

नगर पालिका पर फेंके अंडे और टमाटर

दरअसल जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ता जन समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर मकरोनिया नगर पालिका पहुंचे

थे। यहां अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी और विरोध जताया जा रहा था। इसी दौरान भीड़ के बीच कुछ लोगों ने नगर पालिका पर अंडे और टमाटर फेंकने शुरू कर दिए। टमाटर और अंडे फिकते देख पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की । इसी दौरान पुलिस और कांग्रेसियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई।

प्रदर्शन कर कांग्रेस ने उठाईं मांगें

कांग्रेस का कहना है कि रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल पर सबसे ज्यादा टैक्स वसूल कर जनता का आर्थिक शोषण किया जा रहा है। खाने के तेल, दालों और खाद्य पदार्थों में जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों पर सरकारी संरक्षण देने से महंगाई बढ़ रही हैं।

साथ ही कहा कि प्रशासन में भाजपा नेताओं के हस्तक्षेप और अपराधी तत्वों को संरक्षण देने के चलते महिलाओं और कमजोर वर्ग के साथ अपराधिक घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

मंडियों द्वारा किसानों की फसल की सरकारी खरीद के बजाय अनाज माफिया से घटिया अनाज को ऊंचे दाम पर खरीद कर भ्रष्टाचार किया जा रहा है ।

इंदिरा ज्योति योजना से गरीब मजदूर किसान और मध्यम वर्ग को बिजली विभाग द्वारा वंचित कर मनमानी बिल वसूली की जा रही है ।

मकरोनिया नगर पालिका को 2016 में दीनदयाल हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी हेंडओवर की गई थी। जिसमें मप्र हाउसिंग बोर्ड ने मकरोनिया नगर पालिका को 6.75 करोड़ रुपए दिए थे। 2018 तक नगर पालिका ने दीनदयाल नगर में कोई भी काम नहीं किया गया है।

दीनदयाल नगर में बन रहे मुख्य नगर पालिका अधिकारी के निवास को आवंटित जमीन और आवास के निर्माण में हो रहे भ्रष्टाचार की जांच समेत 18 सूत्री मांगों को लेकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।