दृष्टिबाधित छात्रों के साथ ये कैसा मजाक कर रही सरकार

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रोहित नैय्यर ब्यूरो 

जबलपुर के औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र यानी आईटीआई में परीक्षाओं को लेकर छात्र परेशान हैं मंगलवार 14 सितम्बर से छात्रों की वार्षिक परीक्षाएं शुरू होना थी जिसके प्रवेश पत्र भी छात्र छात्राओं को मिल चुके थे, जबलपुर सिहित आसपास के जिलों से भी छात्र छात्राएं परीक्षा देने के लिए समय पर पहुंच गए लेकिन तय समय से ठीक एक घंटा पहले छात्रों को बताया गया कि उनकी परीक्षाएं निरस्त कर दी गई हैं,

यह सूचना मिलते ही छात्रों के माथे पर परेशानी की लकीरें खींच गईं। परीक्षा देने वालों में लगभग 50 छात्र नेत्रहीन दिव्यांग हैं जो दूसरे जिलों से यहां आए थे और अपने खर्च पर ही होटलों में रुके थे, छतरपुर और सागर से आये छात्रों का कहना है कि इसके पहले 17 अप्रैल को भी कोरोना के कारण परीक्षा निरस्त हो गई थी और उस समय भी उन्हें परीक्षा केंद्र पहुंचने के बाद यह जानकारी दी गई जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हुआ था। कई छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं ऐसे में उनकी पढ़ाई का भी नुकसान हो रहा है। वहीं इस संबंध में जब ITI के प्रिंसिपल टी. के. नन्दनवार से पूछा गया तो उन्होंने सफाई दी कि यह परीक्षाएं दिल्ली से संचालित होती हैं और कंप्यूटर पर ऑनलाइन सिस्टम के तहत सम्पन्न होती हैं, परीक्षाएं दिल्ली से ही निरस्त की गई हैं, हालांकि वे छात्रों की परेशानी समझते हैं इसलिए छात्रों द्वारा आवेदन पत्र बनवाकर संयुक्त संचालक तक पहुँचाएंगें और प्रयास करेंगे कि छात्रों को भविष्य में ऐसी परेशानी का सामना ना करना पड़े।

 सोनू अहिरवार, छात्र, सागर

 

टी. के. नन्दनवार, प्राचार्य, ITI

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