डिजिटल मीडिया में समय के साथ अब बढ़ती ग्रामीण पत्रकारिता की मांग -बने पंचायत प्रतिनिधि

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हर्षिता वंत्रप 

भारत की आत्मा गाँवो में बस्ती है। ये कहना भी गलत नहीं होगा कि लगभग सात लाख गाँवों में बसा भारत और वहां बसने वाला किसान ही हमारी असली  पहचान है। जहाँ संस्कृति,सभ्यता  ,परंपरा , रीती रिवाज , उत्सव , और सबसे बड़ी चीज इंसानियत आज भी जिन्दा है। जो शहरों में कम ही नजर आती है । दूसरी और अब गांव भी पहले की भांति पिछड़े नहीं रहे। आज के किसान आधुनिक संसाधनों का प्रयोग कर ना केवल खेती को ही उन्नत बना रहे है बल्कि उनके रहन सहन में भी बदलाव हुआ है। आज किसान के घर रंगीन टीवी है, डीटीएच है ,एफएम रेडियो है, पंखा है, कूलर है, और सोलर तकनिकी का सबसे अधिक कहीं प्रयोग हो रहा है तो वह ग्रामीण अंचल ही है। वहीँ मोबाईल तकनिकी के आने से किसान घर बैठे ये जान पाता है कि अभी दिल्ली की संसद  में क्या हो रहा है। आने वाला मौसम कैसा होगा। बारिश कब होगी। सरकार की योजना क्या है। ऐसी कई महत्वपूर्ण जानकारियां अब उसके हाथों में है। और अब उसकी रूचि समाचारों के प्रति भी बढ़ती जा रही है। अपने आसपास की होने वाली घटनाओ सूचनाओं की अधिक से अधिक जानकारी तुरंत जानना चाहता है। उसकी यही जिज्ञासा  ग्रामीण पत्रकारिता को बढ़ावा देती है।

आज जरूरत है सकारात्मक पत्रकारिता की 

 तकनिकी के विकास का प्रभाव अन्य क्षेत्रों के साथ पत्रकारिता पर भी पड़ा है। आज डिजिटल तकनिकी ने इसे और आसान बना दिया , लेकिन केवल भ्रष्ट्राचार को उजागर करना या कमियों को उजागर करने के आलावा भी सकारात्मक पहलुओं को भी जनता के समक्ष लाना जरुरी है। मसलन -गाँव की कृषि के क्षेत्र में प्रयुक्त उन्नत तकनीकी , शिक्षा में नए प्रयोग  , स्वास्थ्य हेतु जागरूकता , स्वरोजगार आदि के साथ गाँवों में हो रहे विकास कार्य , उत्सव ,राष्ट्र जा प्रतिनिधित्व करती प्रतिभाओ का भी  समाचार में समावेशित  होनाआवश्यक है । 

एससीएन न्यूज ने  की राह आसान 

ग्रामीण पत्रकारिता को बढ़ावा देने एससीएन न्यूज इंडिया ने डिजिटल तकनिकी का प्रयोग कर अभिनव पहल की है। हमारा उदेश्य गाँव के उस हर जिज्ञासु पाठक तक देश विदेश की खबरों को त्वरित गति से पंहुचाना है और गाँव की खबर जरुरी सुचना शासन प्रशासन और आम नागरिक तक पहुँचाना है। जिनका उससे सरोकार है। जिस हेतु पंचायत स्तर पर एससीएन न्यूज़ द्वारा अपने प्रतिनिधि नियुक्त किये जा रहे है। जो केवल हमारे सॉफ्टवेयर का मासिक सब्सक्रिप्शन ले कर ग्रामीण पत्रकारिता से जुड़ कार्य कर सकते है। जिस के पंजीयन हेतु –पंचायत प्रतिनिधि हेतु पंजीयन – पर अपना पंजीयन करा  सकते है। जिसके उपरान्त उन्हें सारी जानकारी चैनल द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी।