मध्यप्रदेश से बंगाल तक बादलों का मेला, फिर शुरू होगा बारिश का खेला

Scn news india
मनोहर
बारिश एक बार फिर अपना असर दिखाएगी। मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ से लेकर ओडिशा, बंगाल की खाड़ी तक मानसून ट्रफ लाइन गुजर रही है। इसके अलावा पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। जिसके असर से आने वाले 24 घंटों में एक बार जबलपुर सहित संभाग के जिलों में झमाझम बारिश हो सकती है। बारिश के इस नए सिस्टम को देखते हुए मौसम विभाग ने जबलपुर सहित संभाग के कटनी, डिंडौरी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट सहित अनूपपुर में भारी से अतिभारी बारिश की संभावना जताई है। बहरहाल रिमझिम बौछारों का दौर अभी थमा हुआ है।
सुबह से छाए हैं बादल : आसमान पर सुबह से ही बादल मंडराते रहे। सुबह से सूरज के दर्शन नहीं हुए हैं। मौसम विभाग की माने तो शाम या रात तक अच्छी बारिश हो सकती हैं।
तापमान बढ़ा : फिलहाल तापमान में भी बढ़ोत्तरी देखी जा रही है। अधिकतम तापमान उछलकर 31- 32 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं न्यूनतम तामपन भी 23 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर है। रात को जरूर मौसम में हल्की ठंडक घुली रही।
ऐसे आ रही बारिश की नई खेप : मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान में पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में अद्यतन निम्न दाब का क्षेत्र दक्षिणी झुकाव वाले संयुग्मित चक्रवातीय परिसंचरण के साथ सक्रिय है। जबकि पूर्वी राजस्थान के ऊपर सक्रिय निम्न दाब क्षेत्र बना हुआ है। इसी के साथ पूर्वोत्तर अरब सागर से लेकर गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ से होते हुए ओडि़शा-बंगाल की खाड़ी तक अन्य ट्रफ लाइन गुजर रही है। जिसके असर से भारी से अति भारी वर्षा की संभावना है।
आखिरी खेप से बढ़ी उम्मीद : लोगों को भी बारिश का बेसब्री से इंतजार है। मानसून सीजन के इस आखिरी खेप से लोगों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। क्योंकि इस बार सीजन की आधी बारिश भी नहीं हुई है। एक जून से 11 सितंबर तक कुल 536.3 मिलीमीटर यानि 21 इंच बारिश हुई है। जबकि सीजन में औसतन 52 इंच तक बारिश होती है। इस हिसाब से कोटे की आधी बारिश अब भी चार इंच ही दूर है। जबकि पिछले मानसून सीजन में अब तक 38.6 इंच बारिश हो चुकी थी।
अलग-अलग स्थानों पर बने चार वेदर सिस्टम के असर से मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक शनिवार को बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र रविवार को गहरे कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो गया है। इस सिस्टम के सोमवार को अवदाब के क्षेत्र में परिवर्तित होकर पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से सोमवार को पूर्वी मप्र के रीवा, शहडोल, जबलपुर संभागों के जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है। मंगलवार से पूरे मध्य प्रदेश में भारी बारिश का सिलसिला शुरू होने के आसार हैं। रुक-रुककर बारिश का दौर एक सप्ताह तक बना रह सकता है।
वर्तमान में बंगाल की खाड़ी में एक गहरा कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। पूर्वी राजस्थान पर एक कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। मानसून ट्रफ इस सिस्टम से बूंदी, श्योपुरकलां, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर होकर गुजर रहा है। एक अन्य ट्रफ पूर्वी अरब सागर से लेकर गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा से होकर बंगाल की खाड़ी तक बना हुआ है। इन चार वेदर सिस्टम के सक्रिय रहने से मप्र में अलग-अलग जिलों में बारिश हो रही है। शुक्ला के मुताबिक सोमवार से राजधानी सहित पूरे मप्र में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। विशेषकर जबलपुर, शहडोल, रीवा संभागों के जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है।