36 घण्टे में अंधे क़त्ल का पर्दाफाश दोनों हत्यारे पकड़ाए , आमला पुलिस की बड़ी सफलता

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दिलीप पाल 

आमला पुलिस की सजगता से 36 घण्टे में अंधे क़त्ल का ना केवल पर्दाफाश हुआ बल्कि हत्या में संलिप्त दो आरोपी भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिए है। जो भागने की फिराक में थे। बता दे कि दो दिनों पूर्व व्यवसाई राधेश्याम प्रजापति की मोटर साईकिल बेल नदी में मिली थी। जिसके बाद लापता राधेश्याम प्रजापति की हत्या की आशंका जताई जा रही थी।

घटना दिनाँक 07- 08/09/21 की दरम्यानी रात्री 01.47 बजे सूचनाकर्ता श्रीमती रूकमणी बाई प्रजापति निवासी ग्राम शिवपुरी ने रिपोर्ट किया कि उसका पति राधेश्याम प्रजापति दोपहर करीब 03.00 बजे बोरदेही जाने का बोलकर मोटरसाइकिल लेकर घर से निकले है , जो वापस नही आये तथा फोन बंद आ रहा है । सूचना पर थाना आमला मे गुम इंसान क्रमाँक 35/21 कायम कर जाँच मे लिया गया । प्रकरण की गंभीरता को दृष्टीगत रखते हुये राधेश्याम प्रजापति की लगातार पतासाजी के प्रयास किये गये । दिनाँक 08/09/21 को राधेश्याम प्रजापति की मोटरसाइकिल टीव्हीएस अपाचे क्रमाँक MP48MU4038 बेल नदी की पुलिया के नीचे पड़ी हुई मिली । मामला संदिग्ध प्रतीत होने से श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय बैतूल सुश्री सिमाला प्रसाद के द्वारा श्रीमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय बैतूल श्री नीरज सोनी एवं श्रीमान एसडीओपी महोदय मुलताई सुश्री नम्रता सोधिया के नेतृत्व मे अलग अलग पुलिस टीमें गठित कर गुमशुदा की पतासाजी मे लगाया गया । पुलिस द्वारा संभावित सभी स्थानों पर पतासाजी के भरसक प्रयास किये गये ।

 

मृतक राधेश्याम प्रजापति

ऐसे चला पता 

राधेश्याम प्रजापति की अंतिम काल डिटेल के आधार पर ग्राम निमोटी निवासी दिलीप यदुवंशी को तलबकर हिकमत अमली से पूछताछ की गई । जो शुरू मे कभी कुछ कभी कुछ बताकर गुमराह करता रहा मगर फिर लगातार पूछताछ करने पर दिलीप यदुवंशी ने बताया कि उसने राधेश्याम प्रजापति से चालीस हजार रूपये उधार लिया था । पैसे नही होने से वापस नही कर पा रहा था । उधारी के रूपये वापस करने के लिये राधेश्याम प्रजापति लगातार दबाव बना रहा था । आये दिन उधारी के रूपये माँगता था और परेशान करता था । घटना दिनाँक को भी सुबह से फोन लगाकर रूपये माँग रहा था । इसी बात से परेशान होकर उसने राधेश्याम को मारने की योजना बनाई और अपने साथी वस्तुलाल मरकाम के साथ स्वयं के खेत पर चला गया । जब राधेश्याम उधारी के रूपये लेने के लिये नवेगाँव रोड़ पर आया तो उसे बातचीत करते हुये खेत पर लेकर गया ।

फिर मौका देखकर राधेश्याम के गले को गमछा से कस दिया और पेट मे गुप्ती से मारकर हत्या कर दिया । वस्तुलाल ने भी राधेश्याम की हत्या करने और लाश को जमीन मे दफन करने मे दिलीप यदुवंशी का सहयोग किया । फिर अंधेरा होने पर राधेश्याम की मोटरसाइकिल को दोनो बेल नदी पर लेकर गये और पुल से नीचे नदी मे फेंककर वापस चले गये जिससे पुलिस को गुमराह किया जा सके परंतु पुलिस ने गंभीरता से मामले को लिया और चंद घंटो के अंदर आरोपी दिलीप यदुवंशी की निशादेही से ग्राम निमोटी स्थित खेत से राधेश्याम प्रजापति का शव बरामद कर लिया गया है तथा पीएम उपरांत शव परिजनों को अंतिम क्रियाकर्म हेतु सुपुर्द किया गया है । आरोपीगण के विरूद्ध अपराध अप.क्र. 607/21 धारा 302, 201,34 भादवि पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया है तथा आरोपीगण को गिरफ्तार किया जाकर विवेचना हेतु पुलिस रिमाण्ड लिया जा रहा है ।

उक्त उल्लेखनीय कार्यवाही मे पुलिस थाना आमला एवं बोरदेही की पुलिस टीम का योगदान रहा ।