भोपाल में झमाझम शुरू, उज्जैन, सागर संभाग में भी अच्छी बारिश के आसार

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मनोहर
बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम मध्यप्रदेश पर सक्रिय हो गया है। मानसून ट्रफ भी इसी सिस्टम से होकर गुजर रहा है। एक अन्य वेदर सिस्टम मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर सक्रिय हैं। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इन तीन सिस्टम के सक्रिय रहने से मध्य प्रदेश में अच्छी बारिश की उम्मीद है। गुरूवार-शुक्रवार को भोपाल, इंदौर, जबलपुर, होशंगाबाद, उज्जैन, सागर संभागों के जिलों में झमाझम बारिश के आसार हैं। विशेषकर भोपाल, इंदौर, उज्जैन संभागों के जिलों में आज कहीं-कहीं भारी वर्षा भी हो सकती है। राजधानी भोपाल में विगत रात से ही रुक-रुककर बारिश का सिलसिला चालू है।
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे तक छिंदवाड़ा में 52.4, होशंगाबाद में 50, रतलाम में 42, बैतूल में 30.6, सिवनी में 24.6, मलाजखंड में 16.3, टीकमगढ़ में 16, भोपाल (शहर) में 15.2, भोपाल (एयरपोर्ट) में 8.6, रायसेन में 8.4, जबलपुर में 6.3, पचमढ़ी में छह, रीवा में 5.4, नरसिंहपुर में पांच, खजुराहो में 4.8, उमरिया में 4.2, गुना में तीन, धार में दो, नौगांव में 1.4, मंडला में एक, दमोह में एक, सतना में 0.6, इंदौर में 0.4, ग्वालियर में 0.4, मिलीमीटर बारिश हुई।
ये तीन सिस्टम हैं सक्रिय
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक वर्तमान में कम दबाव का क्षेत्र दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश पर बना हुआ है। मानसून ट्रफ गुजरात, राजस्थान से दक्षिण-पश्चिम मध्यप्रदेश पर बने सिस्टम से दक्षिणी छत्तीसगढ़ से होकर बंगाल की खाड़ी तक बना हुआ है। मध्यप्रदेश और उससे लगी महाराष्ट्र की सीमा पर पूर्वी-पश्चिमी हवाओं का टकराव (शियरजोन) हो रहा है। इन तीन प्रमुख वेदर सिस्टम के सक्रिय रहने से प्रदेश में अच्छी बारिश होने की उम्मीद बढ़ गई है। उधर 11 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में एक और कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है। इस वजह से प्रदेश में एक सप्ताह तक रुक-रुककर बारिश का सिलसिला बना रह सकता है।