जिले में गणेश उत्सव, डोल ग्यारस, पर्यूषण और विश्वकर्मा जयंती का पर्व शांतिपूर्वक मनाया जायेगा : कलेक्टर श्री रत्नाकर झा

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गणेश शर्मा ब्यूरो 

डिंडोरी -जिले में गणेश उत्सव, डोल ग्यारस, पर्यूषण पर्व और विश्वकर्मा जयंती का पर्व शांतिपूर्वक मनाया जायेगा। सभी त्यौहारों को शांतिपूर्वक एवं सौहार्द ढंग से मनाने और कानून व्यवस्था संधारण हेतु कलेक्टर श्री रत्नाकर झा की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला शांति समिति की बैठक संपन्न हुई। आयोजित बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री नरेन्द्र राजपूत, नगर पंचायत डिंडौरी अध्यक्ष श्री पंकज सिंह तेकाम, नगर पंचायत डिंडौरी उपाध्यक्ष श्री महेश पाराशर, एसडीएम डिंडौरी श्री महेश मण्डलोई, डिप्टी कलेक्टर सुश्री रजनी वर्मा, श्री कैलाश चंद्र जैन, श्री अशोक अवधिया, श्री असगर सिद्दिकी, श्री कोमल पाठक, श्री जयसिंह धुर्वे, श्री अवधराज बिलैया, श्री पवन शर्मा, नगर परिषद अधिकारी डिंडौरी श्री राकेश शुक्ला, कार्यपालन यंत्री पीडब्ल्यूडी श्री एस.एस. ठाकुर सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी और समाजसेवी उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री रत्नाकर ने कहा कि गणेश उत्सव सहित सभी आगामी धार्मिक कार्यक्रम एवं त्यौहारों में कोविड-19 से संबंधित शासन के दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि उक्त पर्वों में झांकियां/पण्डालों एवं विसर्जन के आयोजन कार्यक्रमों में भीड़ की स्थिति ना बने, साथ ही सभी को सोशल डिस्टेसिंग का पालन एवं सेनेटाईजर का प्रयोग करना होगा। कलेक्टर श्री झा ने कहा कि मूर्ति विसर्जन के समय अधिकतम 10 व्यक्ति ही शामिल हो सकेंगे। इसके लिए आयोजकों को पृथक से जिला प्रशासन से लिखित अनुमति प्राप्त किया जाना आवश्यक होगा। समितियों द्वारा गणपति स्थापना के कार्यक्रम स्थल की सूचना भी जिला प्रशासन को दी जाए, जिससे सुरक्षा, बिजली एवं अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सके। कोविड संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए धार्मिक/सामाजिक आयोजन के लिए चल समारोह निकालने की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि विद्युत व्यवस्था के लिए विधिवत रूप से कनेक्षन लिया जाए। विद्युत विभाग को सभी स्ट्रीट लाईट दुरूस्त करने और कार्यक्रम स्थल में प्रकाश की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। इसी प्रकार से जिले में लाउड स्पीकर का प्रयोग रात्रि 10:00 बजे तक ही किया जा सकेगा। कलेक्टर श्री झा ने गणपति विसर्जन के लिए आवश्यकतानुसार अस्थाई कुण्ड बनाने और कुण्डों की साफ-सफाई करने के निर्देश दिए हैं। मूर्तियां नर्मदा नदी में विसर्जन नहीं की जायेंगी। उन्होंने कहा कि मूर्तियां विसर्जन के समय कुण्ड के समीप सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये जायेंगे। सुरक्षा के लिए तैराक, बिजली, टार्च, रस्सी, इत्यादि भी रखनी होगी। कलेक्टर श्री झा ने कहा कि मूर्तियां विसर्जन के बाद कुण्ड का पानी नर्मदा नदी में प्रवाहित नहीं किया जायेगा। उन्होंने नगर परिषद अधिकारी को नर्मदा नदी के घाटों एवं पूरे नगर को साफ-स्वच्छ रखने के निर्देश दिए हैं।
इसी प्रकार से जिले में डोल ग्यारस, पर्यूषण पर्व और विश्वकर्मा जयंती का पर्व भी शांतिपूर्वक मनाया जायेगा। उपरोक्त सभी आयोजनों के लिए पण्डाल अधिकतम साईज 30×45 फिट नियत किया गया है। इस अवसर पर धारदार हथियारों को लेकर चलना पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। कलेक्टर श्री झा ने गणेश चतुर्थी एवं डोल ग्यारस, पर्यूषण पर्व और विश्वकर्मा जयंती का पर्व के कार्यक्रमों में तथा प्रमुख स्थानों पर लाईट लगाने व विद्युत व्यवस्था को सुदृढ करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम स्थल पर स्वास्थ्य सुविधा के लिए एम्बुलेंस एवं डाक्टर भी उपस्थित रहेंगे। कलेक्टर श्री रत्नाकर झा ने इसी प्रकार से सभी अधिकारियों को गणेश चतुर्थी, डोल ग्यारस, पर्यूषण पर्व और विश्वकर्मा जयंती का पर्व के अवसर पर अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन करने को कहा है। कलेक्टर श्री झा ने कहा कि आयोजित कार्यक्रम के अवसर पर सभी आयोजनकर्ता भी साफ-सफाई एवं नियमों का पालन अनिवार्य रूप से करें।