आमला रेन्जर ने दबिश में बड़ी मात्रा में पकड़ी सागौन चिरान और अर्ध निर्मित फर्नीचर,वरिष्ठ अधिकारियों को 4 दिन बाद भी नही दी जानकारी

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दिलीप पाल 

आमला रेन्जर ने दबिश में बड़ी मात्रा में पकड़ी सागौन चिरान ओर अर्ध निर्मित फर्नीचर,वरिष्ठ अधिकारियों को 4 दिन बाद भी नही दी जानकारी
जंगल मे चल रहे अवैध फर्नीचर मार्ट से जब्त काष्ठ पीओआर में आधी हुई दर्ज,
आमला. ब्लाक के जंगल रामभरोसे चल रहे है यही वजह है कि जब्ती की कार्यवाही को भी रेंज आफिसर अपने वरिष्ठ अधिकारियों को बताना उचित नही समझते ओर मामले को वन अधिनियम का हवाला देकर अपने स्तर पर ही रफा दफा करने में भरोसा रखते है ।ताज़ा मामला आमला रेन्ज के बोरी गांव का है जंहा मुखबिर की सूचना पर आमला रेन्जर ने दबिश देकर बड़ी मात्रा में अवैध सागौन चिरान समेत अर्धनिर्मित फ़र्नीचर समेत ओजार ओर आरामशीन जब्त की है ।इस पूरे मामले में रेन्जर ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को भी नही बताया और ना ही मीडिया द्वारा बार बार पूछे जाने पर जानकारी उपलब्ध कराने में कोई रूचि दिखाई ।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक आमला रेन्ज के बोरी गांव में मुखबिर की सूचना पर दुर्गेश महोबे के घर मे दबिश दी गई ।इस कार्यवाही में बड़ी मात्रा में सागौन चिरान अर्ध निर्मित फर्नीचर ओर ओजार जब्त किए ।
सूत्र बताते है कि इस कार्य वाही में लगभग 200 नग चरपट जो कि घर के अलग अलग हिस्सो में छिपा कर रखी गई के अलावा दीवान के पल्ले दरवाज़े के पल्ले जब्त किए लेकिन मौके पर इसकी नाप जोख करने की बजाए रेंजर ओर स्टाफ ने शाम होने का बहना करते हुए रेंज आफिस में रेन्जर की अभिरक्षा में छोड़ कर चले गए ।सूत्रों की माने तो दुर्गेश का इस इलाके में फर्नीचर मार्ट पुराना है ओर दुर्गेश आदतन अपराधी है बाबजूद इसके दुर्गेश पर पुख्ता मामला बनाकर न्यायालय में पेश करने की बजाये उसे वन अधिनियम का सहारा लेकर मौके पर ही छोड़ दिया गया ।
जानकारी छुपाते रहे रेन्जर
चार तारिख को छापामार कार्यवाही के बाद जब मंगलवार शाम को जानकारी के लिये आमला रेन्जर आर एस उइके को सरकारी फोन पर काल किया तो पहले उन्होंने कहा कि आपको किसने बता दिया फिर अगले ही पल उन्होंने बुधवार सुबह बताऊंगा कहकर बात टाल दी आज भी श्री उइके को दो बार फोन लगाया लेकिन जवाब नही मिलने पर एसडीओ ओर डीएफओ से पूछना पड़ा ।जिससे साफ जाहिर होता है कि रेन्जर श्री उइके ने पूरी दाल ही काली कर रखी है ।
4 दिन बाद भी अधिकारियों को नही जानकारी
आमला रेंज में रेन्जर आर एस उइके ओर उनके स्टाफ द्वारा की गई छापा मार कार्यवाही की जानकारी प्रभारी एसडीओ आमला जे एन जोनवाल ओर प्रभारी डीएफओ पुनीत गोयल को भी नही दी गई ।आज पूछे जाने पर दोनों ही अधिकारियों ने रेन्जर से जानकारी मंगाए जाने ई बात कही ।इससे साफ जाहिर होता है की आमला रेन्जर के इरादे कितने साफ है ।
नाकेदार की भूमिका भी संदिग्ध
अवैध फर्नीचर मार्ट की भनक गांव से लेकर शहर तक को थी लेकिन इलाके के नाकेदार को इसकी भनक तक नही वो तो भला हो मुखबिर का जिसने रेन्जर को बता दिया ।अब देखना यह है कि रेन्जर बीट प्रभारी पर क्या कार्यवाही प्रस्तावित करवाते है ।
57 नग चिरान का पीओआर फाड़ा
बड़ी संख्या में अवैध सागौन की जब्ती की जगह महज 57 नग छोटी बड़ी चिरान ओर ओजार की जब्ती बताकर रेन्जर ने पूरे मामले की इतिश्री कर दी है ।
इनका कहना है
मेरी जानकारी में नही लाया गया है आप मुझे फ़ोटो भेजिए मैं रेन्जर से पूछता हूँ ।
पुनीत गोयल प्रभारी डीएफओ दक्षिण वन मण्डल बेतूल ।