रेलवे के प्राइवेटाइजेशन को लेकर कर्मचारियों का आक्रोश,राष्ट्रव्यापी आव्हान पर प्रदर्शन

Scn news india

रोहित नैय्यर ब्यूरो 

रेलवे के प्राइवेटाइजेशन को लेकर कर्मचारियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है, हाल में केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा रेलवे स्टेशनों ट्रेनों कॉलोनियों और रेल स्टेडियमों को निजी हाथों में सौंपने के ऐलान से भड़के कर्मचारियों ने राष्ट्रव्यापी आव्हान पर प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उसने अपनी नीति वापस नहीं ली तो उनका आंदोलन ना केवल तेज होगा बल्कि वे ट्रेनों के पहिए जाम करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

मुख्य रेलवे स्टेशन के सामने धरना प्रदर्शन और द्वार सभा के रेल कर्मचारियों ने अपने आक्रोश का इजहार किया। ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन और पश्चिम मध्य रेल एंप्लाइज यूनियन के बैनर तले प्रदर्शन करते हुए उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की प्राइवेटाइजेशन का जमकर विरोध किया।

नवीन लटूरिया डिविजनल सेक्रेटरी

पश्चिम मध्य रेल एंप्लाइज यूनियन ने केंद्र सरकार पर रेलवे समेत देश के कई सरकारी सेक्टरों के निजीकरण का आरोप लगाया है उनका कहना था कि हाल में केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय ने 400 रेलवे स्टेशनों 90 ट्रेनों 15 रेलवे स्टेडियम और रेल कालोनियों के साथ रेलवे की संपदा को निजी हाथों में देने का ऐलान किया है जो न तो रेल कर्मचारियों और न ही यात्रियों के हित में है। उन्होंने ऐलान किया है यदि सरकार ने अपनी इस नीति को वापस नहीं लिया तो वे आंदोलन को न केवल तेज करेंगे बल्कि ट्रेनों के पहिए जाम करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। जाहिर है कि हाल में केंद्र सरकार ने रेलवे समेत एयरपोर्ट आइल कंपनियों रोडवेज और गैस पाइपलाइन को निजी हाथों में देकर छह लाख करोड़ जुटाने का फैसला किया है इसमें रेलवे की संपत्ति निजी हाथों में दे कर डेढ़ सौ करोड़ जुटाए जाएंगे। इस एलान के बाद से कर्मचारियों का आक्रोश भड़क गया है उन्होंने कहा है कि वे किसी भी सूरत में रेलवे का प्राइवेटाइजेशन नहीं होने देंगे।

बीएन शुक्ला मंडल अध्यक्ष