लोगों ने एक दूसरे को नारबोद लगा कर दी बधाई खाँसी,खोखला जैसी बिमारियों का नाश करने का किया आहवान

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धनराज साहू ब्यूरों

सतपुड़ा की वादियों में बसे भैंसदेही तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में कल जहां पोला पर्व सादगी और सद्भाव के साथ मनाया गया वहीं आज पोला पर्व के पाड़वा के रूप में जिसे ग्रामीण क्षेत्रों में “कर” कहा जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में “कर” का पर्व शांति, सद्भाव व सौहार्द के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर सुबह से ही लोगों ने एक दूसरे को नारबोद लगाकर “कर” की बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य एवं सुख समृद्धि की मंगल कामना की।

इस पर्व की ग्रामीण क्षेत्रों में एक खासियत यह है कि लोग इस दिन अक्सर मराठी में उद्घोष करते नजर आते हैं कि “डेकून, पीसून, खांसी, खोखला घेऊन जा नारबोद ” अर्थात लोग मारबोत से यह प्रार्थना करते हैं कि वे इस धरती से सारी बीमारियां, महामारी तथा लोगों को परेशान करने वाले खटमल जैसे कीटों का सर्वनाश कर लोगों को उससे निजात दिलाएं। इसमें इस वर्ष लोगों ने कोरोना महामारी को भी जोड़ दिया है और उन्होंने खांसी खोखला के साथ कोरोना को भी नष्ट करने की प्रार्थना नारबोद से की है। ग्रामीण क्षेत्रों में मनाए जाने वाले “कर” के अवसर पर बड़े बूढ़े युवा एवं बच्चों में भी उत्साह का माहौल देखने को मिलता है। इसका ग्रामीण क्षेत्रों में एक अलग ही आनंद नजर आता है। प्रशासन की सतर्कता के कारण समाचार लिखे जाने तक कहीं से भी कोई अप्रिय घटना के समाचार नहीं मिले हैं।