आशा को 10,000 रु तथा सहयोगी को *15,000 रुपये का वेतन दिये जाने की मांग

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रोहित नैय्यर ब्यूरो जबलपुर

 मिशन संचालक के प्रस्ताव को लागू करते हुये आशा को 10,000 रु तथा सहयोगी को *15,000 रुपये का वेतन दिये जाने की मांग ज्ञापन

स्वास्थ्य मंत्री महोदय के दिये आश्वासन के 60 दिन पूर्ण होने पर 6 सितम्बर 2021 को प्रदेश के सभी सम्भागीय मुख्यालयों पर प्रदर्शन

प्रदेश में स्वास्थ्य सम्बन्धी गतिविधियों एवं अभियानों को आमजनता के बीच संचालित कर रहो आशाओं एवं सहयोगियों को केवल 2000 रुपये का अल्प वेतन (प्रोत्साहन राशि) देकर सरकार अमानवीय शोषण कर रही है। इस शोषण के खिलाफ प्रदेश की आशा एवं सहयोगी विगत कई वर्षों से आंदोलन कर रही है। आशा एवं सहयोगियों के प्रति सरकार की इस रवैये के खिलाफ प्रदेश की आशा एवं सहयोगियों का आंदोलन 1 जून 2021 से लगातार जारी है।

सरकार की इस उपेक्षा के खिलाफ अन्य राज्यों की तरह जीने लायक वेतन की मांग लेकर प्रदेश की आशा एवं. सहयोगियों द्वारा। जून 2021 को प्रारम्भ अनिश्चितकालीन हडताल प्रारम्भ किया था। इस हड़ताल के 35 वें दिन 5 जुलाई को माननीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधियों को यह आश्वासन दिया था कि मुख्यमंत्री को ओर से वेतन वृद्धि के मामले में खुद कार्यवाही करने एवं जल्दी खुशखबरी देने का आश्वासन दिया। स्वास्थ्य मंत्री के इस आश्वासन के आधार पर संयुक्त मोर्चा द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल को स्थगित किया था। लेकिन स्वास्थ्य मंत्रों के दिये आश्वासन के 30 दिन पूरा होने के बावजूद आशाओं को जीने लायक वेतन देने हेतु मध्य प्रदेश सरकार की ओर से किसी तरह का कदम नहीं उठाये जाने से मजबूर होकर संयुक्त मोर्चा द्वारा आंदोलनात्मक कार्यवाही को प्रारम्भ किया और प 5 अगस्त को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया फिर विधानसभा मानसून सत्र के दौरान 9-10 अगस्त को राजधानी भोपाल में विशाल प्रदर्शन किया। अब स्वास्थ्य मंत्री जी के आश्वासन के 60 दिन पूरा होने पर संयुक्त मोर्चा द्वारा सरकार का पुनः ध्यानाकर्षित करने हेतु आज 6 सितम्बर 2021 को प्रदेश के सभी सम्भागीय मुख्यालयों पर प्रदर्शन करते हुये ज्ञापन सौंपा जा रहा है।

“उल्लेखनीय है कि आज प्रदेश की आशायें केवल 2000 रुपये के अल्प वेतन में अपना जीवन गुजारने के लिये विवश हैं, एवं उसी में वे विभाग का अभियान भी चला रही है। आन्ध्र प्रदेश में राज्य सरकार आशा को अपनी ओर से 8,000 रुपये मिलाकर 10,000 रुपये का मानदेय दे रही है। इसी तरह अन्य राज्य सरकारें भी आशाओं को अतिरिक्त वेतन दे रही है। राज्य हो कि म.प्र. सरकार अपनी ओर से आगनवाड़ी कमियों को मानदेय दे रही है, जबकि आशाओं का काम अतिविशिष्ट श्रेणी के होने, 24 घंटे तक की सेवा देने के बावजूद प्रदेश सरकार आशा एवं पर्यवेक्षकों को अपनी ओर से कुछ भी नहीं दे इस स्थिति में आशा ऊषा आशा सहयोगी संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर आज 6 सितम्बर 2021 को सम्भागीय मुख्यालय रही है, इससे बडा अन्याय कुछ नहीं हो सकता। पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान प्रेषित ज्ञापन के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री महोदय से हम पुनः यह मांग करते हैं कि मिशन संचालक महोदया के प्रस्ताव को मान्य करते हुये आशा को 10,000 रुपये एवं सहयोगियों ( पर्यवेक्षकों) को 15,000 रुपये का मासिक वेतन / मानदेय देने के आदेश तुरन्त जारी कर आशा एवं सहायगियों के साथ न्याय किया जाये।

हमें विश्वास है कि है वेतन वृद्धि की एक सूत्रीय मांग पर तुरन्त कार्यवाही करते हुये मध्य प्रदेश सरकार आशा एवं सहयोगियों को न्याय प्रदान करेंगी। वेतन वृद्धि की मांग का निराकरण न होने की स्थिति में आशा ऊषा आशा सहयोगी संयुक्त मोर्चा आंदोलनात्मक कार्यवाही को और तेज करने के लिये विवश होगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।