स्वीकृति के तीन साल बाद भी नहीं बना हाईस्कूल के लिए भवन

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दिलीप पाल 

भूमि की भी नहीं है कोई कमी ग्राम पंचायत रतेड़ाकला में आरक्षित करके रखी है भूमि

आमला. वर्ष 2018 में ग्राम रतेड़ाकला में हाईस्कूल को मंजूरी मिली। मंजूरी मिलने के बाद हाईस्कूल प्रारंभ भी हुआ लेकिन खस्ताहाल भवन और कक्ष की कमी के कारण विद्यार्थियों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। ग्राम रतेड़ाकला स्थित हाईस्कूल में अध्ययन के लिए ग्राम रतेड़ा के विद्यार्थी तो आते ही है आसपास के गांव जैसे रतेड़ाखुर्द, देवपिपरिया, राशिढाना आदि ग्रामों से भी बड़ी संख्या में विद्यार्थी आते है।लेकिन भवन नही होने के कारण सभी को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसा नहीं है कि ग्राम रतेड़ा के ग्रामीणों ने प्रयास न किया हो। वे लगातार प्रयास कर रहे है पर नतीजा सीपर ही रहा है। जबकि दूसरे ग्रामों में हाईस्कूल स्वीकृति के बाद भवन निर्माण में देरी नही लगी जबकि रतेड़ाकला में लंबा अर्सा बीत जाने के बाद भी हाईस्कूल के पास स्वयं का भवन नहीं है। ग्रामीण शेखलाल मर्सकोले, अर्जुन उइके, अशोक इवने, ज्ञानसिंह धुर्वे, नंदकिशोर इवने, आदि ने बताया कि हाईस्कूल भवन नहीं होने से दिक्कत होती है जल्द से जल्द नया भवन बनना चाहिए। वही ग्राम देवपिपरिया के बलीराम उइके ने कहा कि ग्राम देवपिपरिया से भी बड़ी संख्या में
विद्यार्थी रतेड़ाकला अध्ययन के लिए जाते है। भवन नही होने के कारण सभी को दिक्कत होती है। रतेड़ाखुर्द के अशोक इवने, राशिढाना के अर्जुन उइके ने शासन प्रशासन को चेतावनी दी है कि जल्द ही यदि नया भवन नही बना तो हम आंदोलन करेंगे।
ग्राम छिपन्यापिपरिया में भी दिक्कत है यहां
हाईस्कूल को मंजूरी मिले लंबा अर्सा हो गया है। यहा तो हायरसेकेण्डी स्तर की | कक्षाऐं भी लगती है लेकिन दोनो स्कूलों के पास अपने भवन नहीं है। शालाऐं शासकीय माध्यमिक शाला के भवन में | लगती है जिससे विद्यार्थियों को दिक्कतों का | सामना करना पड़ता है।
किए जा रहे है प्रयास
इस विषय में ग्राम पंचायत रतेड़ाकला की सरपंच इंदिरा आनंद यादव से भी चर्चा की गई तो उन्होने बताया कि हाईस्कूल भवन नही होने से बच्चों को दिक्कत होती है हमारे द्वारा लगातार शासन प्रशासन से मांग की जा रही है भूमि की भी कोई कमी नही है एक बड़ा भूभाग हाईस्कूल के लिए छोड़ कर रखा है। हम लगातार प्रयास कर रहे है कि जल्द से जल्द बिल्डिंग बन जाऐ।
इनका कहना है…………
शासन को जानकारी भेजी जा चुकी है हम प्रतिवर्ष जानकारी भेजते है दोनों जगह भवन की कमी है।

यशवंत झरबड़े, खण्ड शिक्षा अधिकारी आमला

शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है हम लगातार प्रयास कर रहे है कि जल्द से जल्द भवन बन जाए।

डॉ योगेश पण्डाग्रे विद्यायक आमला