विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में उपचुनाव हेतु आचार संहिता लागू

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मनोहर

स्थगित मतदान (जो 16 मई, 2021 को होने वाला था) को स्थगित कर दिया था और एनडीएमए/एसडीएमए द्वारा जारी आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत लॉकडाउन/प्रतिबंधों को ध्यान में रखते हुए ओडिशा के 110-पिपली विधानसभा क्षेत्र (एसी) और पश्चिम बंगाल के 58-जंगीपुर और 56-समसेरगंज एसी में चुनाव की अवधि बढ़ा दी थी। इसके अलावा, महामारी एवं विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों क्षेत्रों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के सभी महत्वपूर्ण तथ्यों और इनपुट को ध्यान में रखते हुए आयोग ने प्रेस नोट संख्या ईसीआई/पीएन/64/2021 दिनांक 5 मई 2021 के माध्यम से  विभिन्न राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों के उप-चुनावों को स्थगित कर दिया था।

वर्त्तमान में, तीन स्थगित चुनाव (पश्चिम बंगाल में दो और ओडिशा में एक), संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों में तीन रिक्तियां और विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में 32 रिक्तियां मौजूद हैं।

विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में उपचुनाव कराने की सम्भावना व वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए दिनांक 01 सितम्बर, 2021 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्य सचिवों, स्वास्थ्य और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, संबंधित राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के डीजीपी तथा संबंधित राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ एक बैठक आयोजित की गई। संबंधित राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों/मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने कोविड-19 महामारी, बाढ़ की स्थिति और निकट भविष्य में त्योहारों आदि को देखते हुए अपने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में उपचुनाव कराने संबंधी इनपुट, अवरोधों, मुद्दों और चुनौतियों को साझा किया। जिन राज्यों में मतदान आयोजित किया जायेगा, उन राज्यों के मुख्य सचिवों ने अपने विचार और इनपुट लिखित में भी भेजे हैं।

आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, मेघालय, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश राज्यों के मुख्य सचिवों और केंद्र शासित प्रदेश दादर व नगर हवेली तथा दमन और दीव के सलाहकारों ने आयोग को बाढ़ की स्थिति, त्योहारों और महामारी से संबंधित बाधाओं से अवगत कराया। उन्होंने सुझाव दिया कि त्योहार के मौसम की समाप्ति के बाद उपचुनाव कराना उचित होगा।

इनके अलावा, कुछ राज्यों ने इस तथ्य से भी आयोग को अवगत कराया कि भारत सरकार, विभिन्न शोध संस्थानों, तकनीकी विशेषज्ञ समितियों और अन्य विशेषज्ञों ने अक्टूबर के बाद कोविड-19 की तीसरी लहर की संभावना की भविष्यवाणी की है। गृह मंत्रालय ने भी 28 अगस्त, 2021 को कोविड-19 की रोकथाम के लिए विस्तृत निर्देश जारी किए हैं।

ओडिशा के मुख्य सचिव ने यह भी बताया कि कोविड की स्थिति नियंत्रण में है और मतदान का संचालन किया जा सकता है। पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव ने बताया कि कोविड-19 की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने इस बात से भी आयोग को अवगत कराया कि राज्य में बाढ़ ने उन विधानसभा क्षेत्रों को प्रभावित नहीं किया है, जहाँ मतदान होने हैं और राज्य चुनाव कराने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने यह भी उद्धृत किया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 164 (4) के तहत, एक मंत्री जो लगातार छह महीने की अवधि तक राज्य के विधानमंडल का सदस्य नहीं है, उस अवधि की समाप्ति के बाद मंत्री नहीं रहेगा और यदि वहां चुनाव तुरंत नहीं कराए जाते हैं, तो सरकार में शीर्ष कार्यकारी पदों पर एक संवैधानिक संकट और शून्य की स्थिति पैदा होने की संभावना बनी रहेगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि प्रशासनिक जरूरतों और जनहित को देखते हुए तथा राज्य में शून्य की स्थिति से बचने के लिए, 159-भबानीपुर, कोलकाता के लिए उपचुनाव कराये जा सकते हैं, जहां से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव लड़ने की इच्छा रखती हैं।

संबंधित राज्यों के मुख्य सचिवों और संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के इनपुट और विचारों को ध्यान में रखते हुए, आयोग ने अन्य 31 विधानसभा क्षेत्रों और 3 संसदीय क्षेत्रों में उपचुनाव नहीं कराने निर्णय लिया है तथा संवैधानिक आवश्यकता और विशेष अनुरोध पर विचार करते हुए पश्चिम बंगाल राज्य के 159-भबानीपुर एसी में उपचुनाव कराने का फैसला लिया है। आयोग द्वारा कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए अत्यधिक सावधानी के रूप में बहुत सख्त मानदंडों को तय किया गया है। उपचुनाव का कार्यक्रम अनुलग्नक-1 में संलग्न है।

इसके अलावा, आयोग ने 3 विधानसभा क्षेत्रों, पश्चिम बंगाल के 56-समसेरगंज, 58-जंगीपुर और ओडिशा के 1 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 110-पिपली में चुनाव कराने का भी निर्णय लिया है, जिनमें अनुलग्नक-2 में दी गयी अनुसूची के अनुसार मतदान का संचालन किया जायेगा। इन क्षेत्रों में आयोग की 4 मई, 2021 को जारी अधिसूचना के द्वारा चुनाव स्थगित कर दिए गए थे। इस संबंध में अलग से अधिसूचना जारी की जा रही है।

इन 3 विधानसभा क्षेत्रों (एसी) के उम्मीदवारों / राजनीतिक दलों ने पहले ही 29.04.2021 से 03.05.2021 तक चुनाव-प्रचार की अवधि का लाभ उठाया है। इसे देखते हुए आयोग ने इन निर्वाचन क्षेत्रों में अब केवल 20.09.2021 को चुनाव-प्रचार की अनुमति देने का निर्णय लिया है।

मतदाता सूची

उपर्युक्त विधानसभा क्षेत्रों के चुनावों के लिए दिनांक 01.01.2021 को प्रकाशित मतदाता सूची का उपयोग किया जाएगा।

इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और वीवीपीएटी

आयोग ने सभी मतदान केंद्रों में उपचुनाव के लिए ईवीएम और वीवीपीएटी का उपयोग करने का निर्णय लिया है। पर्याप्त संख्या में ईवीएम और वीवीपीएटी उपलब्ध कराए गए हैं और इन मशीनों की सहायता से मतदान सुचारू रूप से सुनिश्चित करने के लिए सभी कदम उठाए गए हैं।

मतदाताओं की पहचान

एक मतदाता की पहचान के लिए मतदाता फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) मुख्य पहचान पत्र होगा। हालांकि, नीचे दिए गए पहचान पत्रों में से किसी को भी मतदान केंद्र पर दिखाया जा सकता है:

  1. आधार कार्ड,
  2. मनरेगा जॉब कार्ड,
  3. बैंक/डाकघर द्वारा जारी फोटो वाली पासबुक,
  4. श्रम मंत्रालय की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड,
  5. ड्राइविंग लाइसेंस,
  6. पैन कार्ड,
  7.  एनपीआर के तहत आरजीआई द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड,
  8. भारतीय पासपोर्ट,
  9. फोटो के साथ पेंशन दस्तावेज,
  10. केंद्र/राज्य सरकार/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों/सार्वजनिक लिमिटेड उद्योगों द्वारा कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, और
  11. सांसदों/विधायकों/एमएलसी को जारी आधिकारिक पहचान पत्र

आदर्श आचार संहिता

आदर्श आचार संहिता 04.09.2021 से तत्काल प्रभाव से उस जिले (जिलों) में लागू होगी जिसमें चुनाव होने वाले विधानसभा क्षेत्र का पूरा या कोई हिस्सा शामिल है, यह आयोग की निर्देश संख्या 437/6/1एनएसटी/2016-सीसीएस, दिनांक 29 जून, 2017 (आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध) के तहत जारी आंशिक संशोधन के अधीन है।

कोविड-19 की अवधि के दौरान उप-चुनावों/स्थगित मतदान के आयोजन के दौरान पालन किए जाने वाले व्यापक दिशा-निर्देश

आयोग ने 21 अगस्त, 2020 को व्यापक दिशानिर्देश जारी किए हैं। साथ ही, आयोग ने अपनी वेबसाइट पर 09.10.2020, 09.04.2021,16.04.2021,21.04.2021, 22.04.2021,23.04.2021 और 28.04.2021 को और दिशानिर्देश जारी किए हैं यह eci.gov.in अथवा https://eci.gov.in/candidate-political-parties/instructions-on-covid-19/

पर उपलब्ध हैं। इसके अलावा, दिनांक 28 अगस्त 2021 को पत्र संख्या 40-3/2020-डीएम-I (ए) के माध्यम से कोविड प्रबंधन के लिए लक्षित और त्वरित कार्रवाई के कार्यान्वयन के लिए गृह मंत्रालय द्वारा निर्देशों का  30 सितंबर 2021 तक विस्तार किया गया है। राजनीतिक दलों/मुख्य निर्वाचन अधिकारियों से प्राप्त सुझावों और गृह मंत्रालय/स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के वर्तमान निर्देशों को ध्यान में रखते हुए, आयोग इन दिशानिर्देशों को और मजबूत से लागू किया है। इसके अलावा, कोविड-19 की अवधि के दौरान पश्चिम बंगाल में आम चुनाव के संचालन से संबंधित आयोग के सभी निर्देश भी इन उप-चुनावों/स्थगित मतदान के लिए होने वाले परिवर्तनों के साथ लागू होंगे।

सभी हितधारक इन निर्देशों का पालन करेंगे। संबंधित राज्य सरकार इन निर्देशों के अनुपालन में निम्नानुसार सभी उचित कार्रवाई/उपाय करेगी।

1नामांकननामांकन के पूर्व और बाद में जुलूस के दौरान, सार्वजनिक सभा करना वर्जित है/आरओ कार्यालय के 100 मीटर की परिधि के भीतर केवल तीन वाहनों की अनुमति दी जाएगी। नामांकन के लिए जुलूस की अनुमति नहीं होगी।
2 चुनाव प्रचार अवधि 
 (ए) बैठक के लिए 
 (i) इनडोरअनुमति दी गई क्षमता का 30 प्रतिशत या 200 व्यक्ति, जो भी कम हो। बैठक में शामिल होने वाले लोगों की संख्या गिनने के लिए एक रजिस्टर रखा जाएगा।
 (ii) आउडडोर50 प्रतिशत क्षमता (कोविड-19 दिशानिर्देशों के अनुसार) या स्टार प्रचारकों के मामले में 1000 व्यक्ति और 50 प्रतिशत क्षमता या अन्य सभी मामलों में 500 व्यक्तियों के साथ अनुमति दी जाएगी। किसी भी मामले में, अनुमति दी गई संख्या जो भी कम हो वह मान्य होगी। पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को पुलिस की सख्त निगरानी में सुनिश्चित किया जाएगा। मैदान में प्रवेश करने वाले व्यक्तियों की गिनती पर नजर रखी जाएगी। घेराबंदी/बैरिकेडिंग का खर्च उम्मीदवार/पार्टी द्वारा वहन किया जाएगा। रैलियों के लिए केवल उन्हीं मैदानों का उपयोग किया जाएगा, जिन्हें पूरी तरह से सुरक्षा घेरे में/बैरिकेड किया गया है।
 (बी) स्टार प्रचारककोविड-19 महामारी को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय/राज्य मान्यता प्राप्त पार्टियों के लिए इन उप-चुनावों के लिए स्टार प्रचारकों की संख्या 20 और गैर-मान्यता प्राप्त पंजीकृत दलों के लिए 10 तक सीमित की गई है।
 (सी) रोड शोकिसी रोड शो की अनुमति नहीं दी जाएगी और किसी भी मोटर/बाइक/साइकिल रैलियों की अनुमति नहीं दी जाएगी।
 (डी) स्ट्रीट कॉर्नर मीटिंगअधिकतम 50 व्यक्तियों को अनुमति दी जाएगी (स्थान की उपलब्धता और कोविड-19 दिशानिर्देशों के अनुपालन के अधीन।)
 (ई) डोर टू डोर अभियानउम्मीदवारों/उनके प्रतिनिधियों सहित 5 व्यक्तियों के साथ घर-घर जाकर प्रचार करने की अनुमति होगी।
 (एफ) वीडियो वैन के माध्यम से अभियानस्थान की उपलब्धता और कोविड दिशा-निर्देशों के अनुपालन के अधीन एक समूह स्थल पर 50 से अधिक दर्शकों को अनुमति नहीं दी जाएगी।
 (जी) अभियान के लिए वाहनों का उपयोगउम्मीदवार/राजनीतिक दलों के लिए कुल वाहनों की अनुमति (स्टार प्रचारक को छोड़कर):- 20 होगी वाहनों में अधिकतम लोगों की संख्या सामान्य क्षमता की 50 प्रतिशत रहेगी
3साइलेंट पीरियडमतदान समाप्त होने से 72 घंटे पहले की अवधि में किसी तरह का चुनाव प्रचार नहीं किया जाएगा।
4मतदान दिवस गतिविधियां1. अधिकतम 2 वाहनों को 3 व्यक्तियों के साथ अनुमति दी जाएगी। वर्तमान दिशानिर्देशों के अनुसार सुरक्षा के निर्देशों का पालन किया जाएगा।
  2. मतदान केंद्र पर चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही मतदान दिवस गतिविधियों का संचालन किया जाएगा।
5मतगणना दिवसभीड़ को रोकने के लिए डीईओ द्वारा उचित कदम उठाएं जाएंगे। मतगणना के दौरान हर समय सामाजिक दूरी बनाए रखते हुए अन्य कोविड सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करना होगा।

 

6. ऐसी सभी गतिविधियों का सक्षम प्राधिकारियों द्वारा जारी कोविड-19 दिशा-निर्देशों के अनुसार कड़ाई से पालन किया जाएगा। कोविड-19 प्रोटोकॉल के अनुसार सामाजिक दूरी, मास्क, सैनिटाइज़र, थर्मल स्कैनिंग, फेस शील्ड, दस्तानें आदि के उपयोग का पालन करना होगा। कोविड प्रोटोकॉल और सभी निवारक एवं शमन उपायों का पालन सुनिश्चित करने का उत्तरदायित्व एसडीएमए का होगा। कोविड-19 दिशानिर्देशों की निगरानी, पर्यवेक्षण और अनुपालन के लिए मुख्य सचिव, डीजी और जिला स्तर के अधिकारी उत्तरदायी होंगे।

7. यदि कोई उम्मीदवार या राजनीतिक दल उपरोक्त किसी भी दिशा-निर्देश का उल्लंघन करता है, तो संबंधित उम्मीदवार/पार्टी को रैलियों, बैठकों आदि के लिए कोई और अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि कोई स्टार प्रचारक कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन करता है, तो उसे उस निर्वाचन क्षेत्र/जिला में आगे प्रचार करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

8. चुनाव ड्यूटी में लगे निजी व्यक्तियों सहित सभी मतदान कर्मियों और चुनाव अधिकारियों का उनकी सेवाएं लेने से पहले दोहरा टीकाकरण किया जाना चाहिए।

9. उम्मीदवार/निर्वाचन अभिकर्ता/मतदान अभिकर्ता मतगणना अभिकर्ता/चालक आदि जो भी जनता या निर्वाचन अधिकारियों के संपर्क में रहेंगे, उनको दोनों टीका लगवाने होंगे।

10. प्रत्येक मतदान केंद्र के लिए एक स्वास्थ्यकर्मी को कोविड नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त किया जाएगा।

11. सीएस/डीजी और संबंधित डीएम/एसपी पर्याप्त निवारक उपाय करेंगे और चुनाव से पहले और बाद में मतदान से संबंधित किसी भी तरह की हिंसा न हो यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्था करेंगे।

12. भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी सलाह के मद्देनजर, भारत निर्वाचन आयोग किसी भी स्थिति पर कड़ी नजर रखेगा और आगामी चुनावों के लिए दिशानिर्देशों को और भी सख्त कर सकता है।

अनुलग्लनक-1

पश्चिम बंगाल में 159-भवानीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव का कार्यक्रम

मतदान कार्यक्रमदिनांक और दिवस
राजपत्र अधिसूचना जारी करने की तिथि06.09.2021, सोमवार
नामांकन की अंतिम तिथि13.09.2021, सोमवार
नामांकनों की जांच की तिथि14.09.2021, मंगलवार
उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तिथि16.09.2021, गुरूवार
मतदान की तिथि30.09.2021, गुरूवार
मतगणना की तिथि03.10.2021, रविवार
तिथि जिससे पूर्व चुनाव संपन्न किया जाएगा05.10.2021, मंगलवार

 

अनुलग्नक- 2

पश्चिम बंगाल के 56-समसेरगंज और 58-जंगीपुर विधानसभा क्षेत्र और ओडिशा में 110-पिपली विधानसभा क्षेत्र में मतदान के लिए कार्यक्रम जहां स्थगित चुनावों को आगे बढ़ा दिया गया था।

मतदान कार्यक्रमदिनांक और दिवस
मतदान की तिथि30.09.2021, गुरूवार
मतगणना की तिथि03.10.2021, रविवार
तिथि जिससे पूर्व चुनाव संपन्न किया जाएगा05.10.2021, मंगलवार