धार्मिक कार्यक्रमों एवं त्यौहारों के मद्देनजर जिला दंडाधिकारी ने जारी किया संशोधित प्रतिबंधात्मक आदेश

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रोहित नैय्यर ब्यूरों 

जबलपुर -कोरोना संक्रमण की दर में आई कमी के मद्देनजर राज्य शासन के गृह विभाग द्वारा जारी निर्देशों के परिपालन में जिला दंडाधिकारी एवं कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत कोरोना कर्फ्यू के प्रतिबंधों में दी गई छूटों को लेकर संशोधित आदेश जारी किया है।
धार्मिक कार्यक्रमों एवं त्यौहारों को देखते हुए जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी किये गये संशोधित प्रतिबंधात्मक आदेश में कहा गया है कि प्रतिमा अथवा ताजिये अधिकतम 30 गुणा 45 फीट आकार के पंडाल में ही रखे जा सकेंगे। आयोजकों को पंडाल ऐसे स्थान पर ही स्थापित करने होंगे जहां श्रद्धालुओं अथवा दर्शकों की भीड़ की स्थिति न बने एवं फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन हो सके।
आदेश में खुले भोजन या नाश्ता करने के लिए भंडारे एवं लंगर के आयोजन को प्रतिबंधित किया गया है। आयोजन स्थल पर लोगों की भीड़ एकत्रित न होने देने तथा फिजिकल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन कराने की व्यवस्था आयोजकों को ही सुनिश्चित करनी होगी। आयोजनों के लिए संबंधित क्षेत्र के एसडीएम की अनुमति को अनिवार्य किया गया है।
संशोधित प्रतिबंधात्मक आदेश के अनुसार प्रतिमा एवं ताजियों को विसर्जन स्थल पर ले जाने के लिए अधिकतम दस व्यक्तियों के समूह को ही अनुमति होगी। इसके लिए भी आयोजकों को पृथक से संबंधित क्षेत्र के एसडीएम से अनुमति प्राप्त करनी होगी। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रतिमा का विसर्जन नर्मदा नदी में नहीं किया जा सकेगा। विसर्जन राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के आदेश के अनुसार स्थानीय निकायों द्वारा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बनाये गये विसर्जन केन्द्रों में ही किया जा सकेगा। आदेश के मुताबिक कोरोना संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए धार्मिक अथवा सामाजिक आयोजनों के लिए चल समारोह या जुलूस निकालने की अनुमति भी नहीं होगी। इसके साथ ही ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी किये गये दिशा-निर्देशों का पालन किया जाना अनिवार्य होगा।
संशोधित आदेश में सार्वजनिक स्थानों पर कोविड संक्रमण से बचाव के तारतम्य में झांकियों एवं पंडालों तथा विसर्जन के आयोजनों में श्रद्धालुओं को फेस मास्क लगाने, फिजिकल डिस्टेंसिंग बनाये रखने एवं सेनिटाईजर के इस्तेमाल के साथ ही समय-समय पर शासन द्वारा जारी की गई एसओपी और दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश आदेश दिये गये हैं।
जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी संशोधित प्रतिबंधात्मक आदेश तत्काल प्रभाव से संपूर्ण जिले में लागू हो गया है। आदेश में इसका उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों को आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 से 60 तक तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 188 एवं अन्य सभी कानूनी प्रावधानों के तहत कार्यवाही की चेतावनी भी दी गई है। आदेश में कहा गया है कि इन छूटों एवं प्रतिबंधों के अलावा पूर्व में 15 जुलाई को जारी किये गये आदेश के प्रतिबंध एवं छूटें यथावत रहेंगी।