कब बोएं बीज, कैसे करें देखभाल, यू-ट्यूब चैनल बनाएं, किसानों को दें जानकारी

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नवनीत गुप्ता ब्यूरो 

कटनी -जिले में किसान कब कौन सी फसल की बोनी करें। मौसम का मिजाज कैसा रहेगा और कैसे फसल की देखभाल करें। इन सब बातों की जानकारी उन्हें उनके मोबाइल पर ही मिले, इसको लेकर यू-ट्यूब चैनल बनाएं। जिसमें किसानों को कृषि वैज्ञानिक, अधिकारी की सलाह के वीडियो पोस्ट करें और उन्नत किसानों से परिचर्चा कर उनके वीडियों भी जिले के कृषकों को भेजे जाएं। यह बात कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कृषि विज्ञान केन्द्र पिपरौध में जिले के उन्नत व जैविक खेती से जुडे़ किसानों से संवाद के दौरान कही। कलेक्टर ने कृषि विज्ञान केन्द्र व आत्मा परियोजना के अधिकारियों से कहा कि किसानों को जानकारी देने भेजे जाने वाले एसएमएस का बेस बढ़ाएं। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को जैविक खेती के प्रेरित करें, बीज उपलब्ध कराएं और लगातार फॉलोअप भी लें।

संवाद के दौरान बंडा निवासी महिला कृषक मंजूलता हल्दकार ने बताया कि वे पारंपरिक फसलों के अलावा सब्जी की खेती जैविक तरीके से करती हैं। नैंगवा जैविक पाठशाला से प्रशिक्षण के बाद उन्होने खुद जैविक खाद बनाने का काम शुरू किया। जिसका उपयोग वे अपने खेतों के लिए करती हैं और साथ में दूसरों को भी खाद उपलब्ध कराती हैं। उनके साथ जैविक खेती से जुड़ी महिलाओं ने बताया कि जैविक सब्जी के लिए उनके पास अच्छा बाजार नहीं है। जिसपर कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि जिले के शिक्षा विभाग व आदिम जाति कल्याण विभाग के छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राओं को बनने वाले भोजन के लिए सब्जियों की जरूरत रोजाना होती है। इसके लिए वे चर्चा करेंगे कि छात्रावास अधीक्षक सीधे किसानों से ही सब्जी खरीदें।

जिले में भर में किसानों को करेंगे जागरूक

बंडा निवासी उन्नत कृषक हीरामणि हल्दकार ने बताया कि वे वर्ष 2012 से जैविक तरीके से खेती कर रहे हैं। जिसमें उनकी लागत कम हुई है और मुनाफा बढ़ा है। कृषक ने कलेक्टर को बताया कि वे आसपास के गांवों में भी किसानों को जैविक खाद आदि का उपयोग करने जागरूक करते हैं और उनकी इच्छा है कि वे पूरे जिले में किसानों को जागरूक करें। इसके लिए आवश्यक व्यवस्था कराने की बात कलेक्टर श्री मिश्रा ने कही। संवाद के दौरान किसानों ने अपनी कृषि से जुड़ी समस्याओं को भी कलेक्टर के सामने रखा। जिसको लेकर कलेक्टर श्री मिश्रा ने संबंधित विभागों से चर्चा कर उनका निराकरण कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान कृषि विभाग, आत्मा परियोजना के अधिकारी, जिले के विभिन्न विकासखंडों से आए कृषक मौजूद थे।