भोपाल, होशंगाबाद, सागर व जबलपुर संभाग में पड़ सकती हैं बौछारें

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मनोहर
मध्यप्रदेश में वर्तमान में कोई वेदर सिस्टम सक्रिय नहीं है। मौसम विभाग के मुताबिक मंगलवार को विदर्भ में हवा के ऊपरी भाग में बना चक्रवात दक्षिणी गुजरात में सक्रिय हो गया है। मानसून ट्रफ भी इसी चक्रवात से होकर बंगाल की खाड़ी तक जा रहा है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इन दो सिस्टम के असर से गुजरात से लगे मध्यप्रदेश के इंदौर, उज्जैन संभागों के जिलों में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने अगले चौबीस घंटो में भोपाल, होशंगाबाद, सागर व जबलपुर संभाग में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है। शेष जिलों में अब धीरे-धीरे मौसम साफ होने लगेगा। हालांकि वातावरण में बड़े पैमाने पर नमी मौजूद रहने के कारण हल्की बौछारें पड़ने की संभावना बनी रहेगी।
मध्यप्रदेश में बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे तक सीजन की कुछ 720.8 मिलीमीटर बारिश हुई है। जो सामान्य बारिश 772.4 की तुलना में सात फीसद कम है। राजधानी में सीजन की अभी तक 776.7 मिलीमीटर बारिश हुई है। यह भी सामान्य बारिश 806.8 मिलीमीटर की तुलना में चार फीसद कम है। प्रदेश के 15 जिलों में हालत चिंतानजनक बनी हुई। इनमें 20 से 46 फीसद तक कम बारिश हुई है।
पिछले 24 घंटों के दौरान बुधवार को सुबह साढ़े आठ बजे तक नीमच में 12.0, भोपाल (शहर) में 29.0, भोपाल (एयरपोर्ट) में 27.7, टीकमगढ़ में 24, शाजापुर में 22, धार में 19.6, गुना में 16.4, खरगोन में 15.8, छिंदवाड़ा में 14, इंदौर में 13.8, होशंगाबाद में 13.2, मलाजखंड में 9.6, रतलाम में 9 ‍,पुरकलां में 7 , दतिया में 6 , ग्वालियर में 4.2, रायसेन में तीन, पचमढ़ी में 2 , मंडला में 1.3, सिवनी में 1.2, उज्जैन में एक, बैतूल में 0.8 मिलीमीटर बारिश हुई।
बुधवार-गुरुवार को भोपाल, होशंगाबाद, उज्जैन एवं इंदौर संभागों के जिलों में अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। इसी तरह शहडोल, जबलपुर, ग्वालियर एवं चंबल संभागों के जिलों में कुछ स्थानों पर बौछारें पड़ सकती हैं। इसके अतिरिक्त रीवा एवं सागर संभागों के जिलों में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है।