प्रदेश सरकार लेगी दो हजार करोड़ रुपये का कर्ज

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मनोहर

राज्य सरकार पर अब कुल कर्ज बढ़कर 2 लाख 53 हजार करोड़ रुपए का कर्ज 

भोपाल। कोरोना महामारी का प्रदेश के खजाने पर बुरा असर पड़ा है। ऐसे में आर्थिक हालात सुधारने के लिए प्रदेश सरकार ने फिर से 2 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेगी। बता दें कि इससे पहले जुलाई में भी प्रदेश सरकार ने 2 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया था।

वित्त विभाग ने जारी किया नोटिफिकेशन

वित्त विभाग ने नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसमें 2 हजार करोड़ रुपए कर्ज लेने की बात कही है। कर्ज की यह रकम एक सितंबर को 5 साल के लिए ली जाएगी। बता दें कि राज्य सरकार पर अब कुल कर्ज बढ़कर 2 लाख 53 हजार करोड़ रुपए हो गया है।
फ्री प्रेस जर्नल की एक खबर के अनुसार, राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2020-21 में लगभग 52 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया है। बता दें कि राज्य पर कुल कर्ज राज्य के कुल बजट से ज्यादा हो गया है। मध्य प्रदेश का बजट 2.41 लाख करोड़ रुपए रहा था। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे राज्य की आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ सकता है। वहीं वित्त वर्ष 2019-20 में राज्य सरकार ने 23,430 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। भारी कर्ज के चलते राज्य सरकार को हर साल बड़ी रकम ब्याज के तौर पर चुकानी पड़ रही है।
कोरोना महामारी ने राज्य की आर्थिक हालत को काफी नुकसान पहुंचाया है और कर्ज की सीमाा बढ़ने के पीछे भी यही मुख्य वजह मानी जा रही है। लॉकडाउन के दौरान सभी उद्योग धंधे, व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। साथ ही सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं और जन कल्याणकारी योजनाओं पर अपने खर्ज को बढ़ाना पड़ा। जिसका असर प्रदेश के खजाने पर पड़ा है।

कर्ज को लेकर सियासत शुरू

सरकार द्वारा 2 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेने पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा है। प्रदेश कांग्रेस महासचिव महेंद्र सिंह चौहान ने कहा है कि इस सरकार को कर्ज लेने का शौक है। जनता परेशान है और सरकार कर्ज लेकर मस्त है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इसका विरोध करेगी. वहीं भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार किया है। भाजपा सांसद केपी सिंह ने कहा है कि जनता के हित में योजनाएं चल रही हैं इसलिए कांग्रेस को बुरा लग रहा है। हम जनहित योजनाओं को चलाने के लिए कर्ज ले रहे हैं। सरकार, जनता के लिए ये कर रही है।