पुत्रवती महिलाओं ने रखा हलशष्टी का व्रत* मंडला जिले में हलछठ त्योहार का है बड़ा महत्व।*

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शारदा श्रीवास मंडला 

पुत्रवती महिलाओं ने रखा हलशष्टी का व्रत 
मंडला जिले में हलछठ त्योहार का है बड़ा महत्व। 
जरिया ,झुलिया ,कांस की डाल के साथ महुआ ,पसई के चावल का होता है विशेष महत्व। 
हलछठ के त्योहार में पुत्रवती महिलाएं पुत्र की लंबी उम्र की कामना व पुत्र प्राप्ति के लिए रखती व्रत ।

देश मे हलछठ त्योहार का बड़ा महत्व माना जाता है। भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलदाऊ जी जन्मोत्सव के दिन इस त्योहार को बड़ी धूमधाम से समूचे प्रदेश व देश मे मनाया जाता है। इस दिन पुत्रवती महिलाएं अपने पुत्रों की उम्र की कामना के साथ पुत्र प्राप्ति के लिए व्रत रखती है।

देश मे सभी त्यौहारों को बड़े धूमधाम से मनाने की प्रथा है। लेकिन इस वर्ष कोरोना महामारी के चलते सभी त्योहार प्रशासन की मौजूदगी में शांतिपूर्ण तरीके से मनाए जा रहे
वही बलदाऊ जी के जन्मदिन पर हलछठ का त्योहार की मध्यप्रदेश के मंडला में अलग ही विशेषताएं है पुत्रवती महिलाएं हलछठ के दिन अपने पुत्रों की दीर्घायु व पुत्र प्राप्ति के लिए व्रत रखती हैं। इस दिन महिलाएं बगैर जुताई किये हुए उगे अनाज की पूजा करती है। जिसमें जरिया, छुलिया, एवं कांस की डाल से पूजा की जाती है। साथ ही व्रत वाली महिलाएं इस महुआ औऱ पसई के चावल की खीर खाकर व्रत तोड़ती है। पसई के चावल की विशेषता है कि पसई बिना बोए उगती है। इसलिए सबसे शुद्ध अन्न माना जाता है।