जबलपुर आयुध निर्माण प्रबंधन ने दो कर्मचारियों को किया निलंबित

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रोहित नैय्यर ब्यूरो जबलपुर

जबलपुर। देशभर के सुरक्षा संस्थानों – आयुध निर्माणियों की निगमीकरण की तैयारी चल रही है। इस बीच आयुध निर्माणियों का प्रबंधन भी सख्त हो चला है। प्रबंधन के सख्त लहजे की पहली खबर जबलपुर में स्थित ग्रे आयरन फाउंडरी (जीआईएफ) से सामने आयी है, जहां प्रबंधन ने दो कर्मचारियों को सीधे निलंबित कर दिया।
इस तरह की कार्रवाई निर्माणी में लंबे अर्से के बाद हुई है। हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जीआईएफ के कर्मचारी – अधिकारी तो मौन ही हैं, यूनियन नेता भी सनके हुए है।

महाप्रबंध द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर कोई भी कुछ भी बोलने से कतरा रहा है। बस सब एक ही बात कह रहे हैं कि निर्माणियों ने अब प्राइवेट कंपनियों की कार्यशैली की झलक दिखने लगी है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक जीआईएफ प्रबंधन ने गत मंगलवार 24 अगस्त की दोपहर एक आदेश जारी करते हुए एमएमएस सेक्शन के दो कर्मचारियों को सीधे निलंबित कर दिया।
उक्त कर्मचारियों के नाम जेपी तिवारी एवं कमल कुमार बताए जा रहे हैं। जीआईएफ के अधिकारियों का कहना है कि उक्त दोनो कर्मचारी सौंपी गई जिम्मेदारियों को समय पर पूरा नहीं कर रहे थे।
जिसके चलते टारगेट समय पर पूरा नहीं हो पाता, लिहाजा लगातार लापरवाही पूर्ण कार्यशैली के चलते महाप्रबंधक के आदेश पर दोनों कर्मचारियों को निलंबित किया गया है।
वहीं निर्माणी में चर्चाएं है कि कर्मचारियों पर इतनी सख्त कार्रवाई किए जाने के पीछे कोई और ही वजह है। जिसका खुलासा करने से अधिकारी कतरा रहे हैं।
बमों की ढ़लाई होती है एमएमएस सेक्शन में —
ग्रे आयरन फाउंडरी (जीआईएफ) के एमएमएस सेक्शन में हैंड ग्रेनेड का कोर तैयार होता है। निलंबित किए गए कर्मचारी उक्त विभाग में ही पदस्थ थे।
बताया जाता है कि उक्त दोनों कर्मचारी बहुत बड़े पद में नही हैं जो उत्पादन को प्रभावित कर सके। लेकिन फिर भी उन पर टारगेट पूरा नहीं कर पाने को लेकर कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है।