पुर्णा डेम में मत्सय पालन को लेकर अधिकारियों पर भेद भाव का आरोप

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धनराज साहू भैंसदेही ब्यूरों

भैंसदेही विखं. के अंतर्गत आने वाले घोघामा पुर्णा डेम में मत्स्य पालन को लेकर ग्रामीण एवं क्षेत्र के ढ़ीमर समाज के लोगों ने अधिकारियों पर भेदभाव और नियमों को ताक पर रखकर कार्य करने के आरोप लगाए है। गौरतलब हो कि यह पूरा मामला जनपद स्तर पर पुर्व में बनी समिति को लेकर है। ग्रामीणों और ढ़ीमर समाज के लोगों ने जिले के उच्च अधिकारियों को शिकायत दर्ज कर आरोप लगाए हैं कि इस समिति में नियमों को ताक पर रख कर मत्स्य पालन अधिकारी द्वारा एक ही परिवारों के पति पत्नी को सदस्य बनाया गया है।

मनमर्जी से बनी समिति में गरीब व्यक्तियो को छोड़कर केवल व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने का काम किया जा रहा है,और एक ही समिति को 5/6 डेम मत्स्य पालन के लिए दिए जा रहे हैं। जिससे गरीब ढ़ीमर समाज के लोग बेरोजगार हो रहे हैं। बैतूल से जांच करने पहुंचे सहायक संचालक जिला अधिकारी कमलेश खरे ने ग्रामीणों से चर्चा की तो ग्रामीणों ने सहाब को ही नियमों का पाठ पढ़ा डाला। दरसअल घोघामा में जांच के दौरान ग्रामीणों ने अधिकारियों को नियम बताते हुए कहा कि जनपद स्तर की समिति केवल 5 किलोमीटर के दायरे में मत्स्य पालन कर सकती है । परन्तु पुर्णा डेम मुख्यालय से 9 किलोमीटर दूर है और इस गांव में कोई भी ढीमर समाज के लोग नहीं है। जो शासन के नियमानुसार प्राथमिकता डूब ग्राम के जो बीपीएल परिवारों में आते हैं उन्हें मत्स्य पालन का काम मिलना चाहिए। और पुनः विज्ञप्ति जारी कर नियमानुसार समिति गठित कि जानी चाहिए। तो जांच अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन देते हुए कहा कि हमारी ओर से पुर्व में बनी समिति की जांच कर आपको समिति में शामिल कर लिया जाएगा। अब आगे देखना यह है कि मत्स्य पालन विभाग के अधिकारी अपनी कार्रवाई पर कितना खरा उतरते हैं ।