पूर्व आईपीएस श्री गणेश शंकर मिश्रा का भारतीय जनता पार्टी में सदस्यता महज इत्तेफाक

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हेमंत वर्मा 

पूर्व आईपीएस श्री गणेश शंकर मिश्रा का भारतीय जनता पार्टी में सदस्यता महज इत्तेफाक है इससे पूर्व भी श्री मिश्रा की राजनीतिक महत्वाकांक्षा समय-समय पर बलवती होती आई है राजनांदगांव जिले के 2005 में तत्कालीन कलेक्टर रहे गणेश शंकर मिश्रा कलेक्ट्री करते हुए अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा को खुलकर उजागर किया था इसी बात से क्षुब्ध होकर तत्कालीन सांसद प्रदीप गांधी ने उस समय मुख्यमंत्री रहे डॉ रमन सिंह से सीधी शिकायत कर दी थी घटना का सारांश यह है कि राजनांदगांव जिले में बाल विवाह एवं महिला समूह का उन्मुखीकरण पर जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित किए जाते थे वह कार्यक्रम जिला से लेकर प्रदेश स्तरीय होता था लेकिन हर कार्यक्रम में चीफ गेस्ट कलेक्टर ही होता था ऐसे में देश के सर्वोच्च सदन का प्रतिनिधित्व करने वाला व्यक्ति अपने आप को ठगा महसूस कर रहा था इसी बात पर दोनों के बीच में व्यक्तिगत लड़ाई सार्वजनिक हो गई थी लेकिन डॉक्टर समझदारी दिखाते हुए सीधे-सीधे मिश्रा जी को अभय दान दे दिया था अब जबकि श्री गणेश शंकर मिश्रा जी भारतीय जनता पार्टी के सदस्य बन गए हैं उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के समक्ष सदस्यता ग्रहण किया है इसका मतलब वह सदस्य तो नहीं रहेंगे कहीं भी कहीं उसे प्रदेश स्तर पर यह राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी मिलने वाली है फिर ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जो कई वर्षों तक भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय सदस्य कार्य करता है उनके मन में क्या सवाल होगा एक बात और आईएएस भारतीय जनता पार्टी की ओर ही आकर्षित हो रहे हैं या अभी बहुत बड़ा सवाल है इसके पहले आईएस ओपी चौधरी अब श्री गणेश शंकर मिश्रा मतलब ब्यूरोक्रेसी में भारतीय जनता पार्टी का क्रेज आज भी बरकरार है आने वाले समय के लिए सत्तारूढ़ पार्टी को भी इस संबंध में विचार करना नितांत आवश्यक है फिलहाल जी एस मिश्रा ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के बाद राजनांदगांव का ही दौरा करना उचित समझा इसके बहुत सारे मायने निकाले जा सकते हैं हेमंत वर्मा की कलम से