सायबर सेल अधिकारियों ने की अपील -सोशल साइड पर सोच समझकर दोस्त बनाएं

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रोहित नैय्यर ब्यूरो जबलपुर 

सोशल नेटवर्किंग साईट फेसबुक,लोगों के आपस में जुड़ने का एक बेहतर ज़रिया ज़रुर मानी जाती है,क्योंकि मौजूदा वक्त में इंटरनेट की दुनिया में हर शख्स आज किसी न किसी सोशल नेटवर्किंग साइट से जुड़ा है…यही वजह है सोशल मीडिया आज लोगो के लिए अभिव्यक्ति का जहां नया और कारगर माध्यम बन चुका है,तो वही सोशल मीडिया में सबसे ज्यादा फ्रेंड और फ़ॉलोअर्स की संख्या स्टेटस सिंबल बनता जा रहा है,हालांकि, सोशल मीडिया के प्रति बढ़ती दीवानगी जहां कई मायनों में सार्थक नजर आती है, वहीं इसके दुरुपयोग के मामले में भी लगातार सामने आ रहे है,क्योंकि सोशल मीडिया की मायावी दुनिया में संवेदनाओं की कोई जगह दिखाई नहीं देती,दरअसल जबलपुर सायबर सेल में सोशल मीडिया के जरिए ठगी करने की बीते एक साल में 50 से 60 मामले पहुंचे है, सायबर सेल के अधिकारियों के मुताबिक उनके पास पहुंची शिकायतों मे करीब 1 दर्जन मामले ऐसे है,जिसमे फेसबुक के जरिए लोगों को अपना शिकार बनाने वाले जालसाजों द्वारा पहले फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दोस्ती की जाती,

फिर जब फेसबुक पर बाते जब परवान चढ़ने लगती है तब रिक्वेस्ट भेजने वाला शातिर जालसाज पीड़ित का वाट्सएप नंबर ले लेता है,और फिर उसके बाद व्हाट्सएप पर चैटिंग और वीडियो कॉल के ज़रिए अपनी बातों में फंसाकर पीड़ित को न्यूड फोटो और वीडियो शेयर कर उसका स्क्रीन शॉट लेता,और जब ये सब हो जाता है,तब जालसाज अपना खेल शुरू कर,रिक्वेस्ट एक्सेप्ट करने वाले को उसे बदनाम करने और स्क्रीन शॉट के जरिए रिकॉर्ड किए गए उसके न्यूड फोटो वीडियो सोशल साइट में डालकर बदनाम करने की धमकी देते है,और रुपयों की मांग करते है,जिनमे से ज्यादातर लोग बदनामी के डर के चलते जालसाजों को रूपए दे देते है,जबकि बहुत कम लोग है जो शिकायत लेकर उनके पास पहुंचते है,सायबर सेल के अधिकारियों की माने तो फेसबुक पर ज्यादा से ज्यादा फ्रेंड और फ़ॉलोअर्स का स्टेटस सिंबल पहले से ज्यादा नुकसान देह होने लगा है,क्योंकि जालसाज इसी बात का फायदा उठा रहे है,और लोग स्टेटस सिंबल के लिए बिना कुछ सोचे समझे अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट कर रहे है,जो उनके लिए नुकसानदेह साबित भी हो रहा है,सायबर सेल के अधिकारियों ने लोगों से अपील की है,कि फेसबुक समेत अन्य सोशल साइट पर सोच समझकर दोस्त बनाएं,और अपना मोबाइल नंबर किसी से शेयर न करें,ताकि वह जालसाजों का शिकार होने से बच सकें।