फर्जी जालसाज गिरोह का पर्दाफाश

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जबलपुर से  रोहित नैय्यर की  रिपोर्ट

बलपुर रांझी पुलिस ने एक ऐसे फर्जी जालसाज गिरोह का पर्दाफाश किया है जो रिटायरमेंट के बाद सरकारी पेंशन पर अपने जीवन यापन करने वालो के नाम पर फर्जी तरीके से बैंकों से लोन ले लिया करते थे.. इन सभी आरोपियों की करतूत उस वक्त सामने आई जब रांची निवासी एक रिटायर्ड कर्मी की नातिन ने अपने दादा की पासबुक पेंशन आना कम देखा पासबुक को लेकर ज बैंक पहुंची तो उसको पता चला कि उसके नानी गयात्री शर्मा के नाम पर 22 हज़ार का लोन लिया गया है… गायत्री शर्मा ने पूरे मामले की शिकायत रांझी थाने में कर दी जिसके बाद पुलिस ने पीड़िता गयात्री शर्मा से पूछा तो उन्होंने बताया कि 2018 में सुशील वाघमारे नाम के एक व्यक्ति से उसकी मुलाकात हुई थी उसी दौरान गायत्री को इलाज के लिए पैसे की जरूरत थी.

गोपाल खंडेल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक क्राइम

इलाज के लिए लोन निकलवाने के नाम पर गायत्री ने अपनी पासबुक सुशील को सौंप दी थी लेकिन किसी कारण वस लोन नहीं हो पाया थी….पुलिस ने घटना सुन कर अज्ञात आरोपीयो के खिलाफ मामला दर्ज किया और मामले के छानबीन शुरू की जहा जांच में पाया गायत्री अपनी पासबुक सुशील वाघमारे से नहीं ले पाई जिसका फायदा उठाते हुए सुशीला कुछ दिनों बाद गायत्री की मिलती जुलती शक्ल वाली महिला को बैंक में पेश कर उसके नाम से 22 हज़ार का लोन निकाल लिया… पुलिस ने इस फर्जी लोन के लिए प्राथमिक तौर पर सुशील वाघमारे को हिरासत में लिया जहां उसके पास से 26 पासबुक रिटायरमेंट कर्मियों की मिली जिनके नाम पर वह लोन निकाल चुका था आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह रिटायर्ड वृद्धों को लोन का लालच देकर उनसे पासबुक हथिया लिया करता था फिर कुछ समय बीतने के बाद उनकी मिलती जुलती शक्ल के भिखारियों को पकड़कर बैंक में पेश कर दिया करता था और छोटे लोन ले लिया करता था इस तरह से उसने दो दर्जन से ज्यादा फोर्जरी की वारदातों को अंजाम दिया है उसके 400 बीसी के काम में उसके साथ ही जीवन ठाकुर और राजकुमार नामदेव भी मदद किया करते थे पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है जिसमें एक आरोपी को जेल भेज दिया वहीं अन्य दो आरोपियों की रिमांड लेकर आगे की पूछताछ कर रही है।