नई शिक्षा नीति में विषयो को चुनने में छात्रों को होगी आसानी, रोजगारोन्मुखी विषयों के साथ इंटर्नशिप कर सकेंगे छात्र,कार्यशाला हुई आयोजित

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संवाददाता सुनील यादव कटनी

कटनी। मप्र के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को कार्यरूप में आगे विकसित करने के उद्देश्य से स्नातक स्तर पर चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम का शुभारंभ किया गया है। इससे नई नीति से छात्र-छात्राओं को अकादमिक स्तर पर विषयों के चयन में बहुविषयक दृष्टिकोण मिलेंगे। छात्रो को अपने पसंद के विषय चुनने के लिए इसमें कई विषयों को रखा गया गया है। जिससे छात्रो को आसानी होगी। इसमें रोजगार मुखी व्यवसायिक पाठ्यक्रम व व्यवहारिक ज्ञान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पहले सेमस्टर में ही इंटर्नशिप के प्रावधान को रखा गया है। कला, विज्ञान, शारीरिक शिक्षा के साथ अन्य गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। छात्रो को एक मुख्य विषय, एक गौण, एक वैकल्पिक विषय, व्यवसायिक शिक्षा पाठ्यक्रम और आधार पाठ्यक्रम के विषय के रूप में योग्यता संवर्धन के पाठ्यक्रम व इंटर्नशिप का कार्य पूरा करना होगा। शोध की प्रवत्ति प्रोत्साहित करने उद्देश्य से छात्रों को चतुर्थ वर्ष में स्नातक शोध के साथ अपने पाठ्यक्रम को पूर्ण करना होगा। -: विषय चुनने होगी आसानी मुख्य विषय मे 28 क्रेडिट वैकल्पिक विषय में 18 कौशल सम्बर्धन में 12, आधार पाठ्यक्रम में 24 क्रडिट कुल 160 पाठ्यक्रम को पूर्ण करते हुए अर्जित करने होंगे। नाइ शिक्षा नीति के तहत प्रथम वर्ष के बाद यदि महाविद्यालय छोड़ता है तो उसे 40 क्रेडिट और सर्टिफिकेट की पात्रता होगी। ऐसे ही द्वितीय वर्ष में डिप्लोमा की पात्रता व तृतीय वर्ष में डिग्री की पात्रता होगी। वही चतुर्थ वर्ष में बैचलर विद रिचर्स की पात्रता छात्र को होगी। तिलक कालेज की प्राचार्या डाक्टर चित्रा प्रभात द्वारा इस नई शिक्षा नीति की वृस्तित जानकारी देने के उद्देश्य से कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें बहुमुखी नई शिक्षा नीति की जानकारी उनके द्वारा दी गई।।