जवाहर लाल नेहरू कृषि विवि लाइब्रेरी में अब रेडियो फ्रिक्वेंसी चिप के ज़रिए रखेगा किताबों पर निगरानी

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रोहित नैय्यर ब्यूरो जबलपुर 

जबलपुर के जवाहर लाल नेहरू कृषि विवि ने किताबे सही सलामत रखने के लिए कवायद शुरू कर दी है,अपनी इस कवायद के चलते जवाहर लाल नेहरू कृषि विवि प्रशासन ने किताबे की रेडियो फ्रिक्वेंसी चिप के ज़रिए निगरानी करने का फैसला किया है,दरअसल जवाहर लाल नेहरू कृषि विवि में करीब 5 हजार से ज्यादा स्टूडेंट खेती से जुड़ी विषयों की पढ़ाई करते है,और इन छात्र छात्राओं के लिए विश्विद्यालय में सेंट्रल लाइब्रेरी बनाई गई है,इस लाइब्रेरी में 1 लाख के लगभग कोर्स और शोध से जुड़ी किताबें मौजूद ने,लेकिन बीते दिनों किताबों की विशाल संख्या का फ़ायदा उठाकर कुछ छात्र लाइब्रेरी से किताबे बिन बताएं अपने साथ लेकर चले गए है।

सुप्रिया गुप्ता छात्रा

फिर दोबारा वह किताबे विश्विद्यालय की लाइब्रेरी में वापस ही नहीं आई,ऐसे जहां विश्विद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी से किताबों के चोरी जाने से विवि प्रशासन तो परेशान था,तो वहीं किताबों के जाने से उन स्टूडेंट्स को ज्यादा खामियाजा भुगतना पड़ा,जो लाइब्रेरी की किताबों के आधार पर अपनी पढ़ाई को जारी रखे हुए थे,इन तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोहा सॉफ्टवेयर की मदद से विवि की सेंट्रल लाइब्रेरी में मौजूद किताबों में रेडियो फ्रिक्वेंसी चिप लगाने की कवायद शुरू की है,अपनी इस कवायद के चलते कृषि विवि प्रशासन ने पहले चरण में सेंट्रल लाइब्रेरी में मौजूद 1 लाख किताबों में से करीब 20 हजार किताबों में रेडियो फ्रिक्वेंसी चिप लगाने का काम किया है,किताबों में चिप लगने के बाद से जहां किताबो की सतत निगरानी शुरू हो गई है,वही अब किताबों के चोरी जाने का खतरा भी खत्म हो गया है।

मनोज बिरहा छात्र

श्रीमती विनीता पांडे असिस्टेंट लाइब्रेरियन