सिटी अस्तपताल के डायरेक्टर सरबजीत मोखा की पत्नी व मैनेजर को मिली जमानत

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रोहित नैय्यर ब्यूरो जबलपुर 

जबलपुर। एमपी हाईकोर्ट से नकली रेमडेसिवर इंजेक्शन मामले में सिटी अस्पताल के डायरेक्टर सरबजीत सिंह मोखा की पत्नी जसमीत कौर और अस्पताल की मैनेजर सोनिया खत्री को मंगलवार को जमानत मिल गई। हाईकोर्ट ने सशर्त जमानत मंजूर की है। अदालत ने जसमीत को एक लाख रुपए के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के प्रतिभूति पर जमानत दी है।

जस्टिस अरुण कुमार शर्मा की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। आवेदकों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने दलील दी कि नकली रेमडेसिविर मामले में जसमीत कौर मोखा व सोनिया खत्री शुक्ला को 18 मई, 2021 को गिरफ्तार किया गया था। उनके खिलाफ साक्ष्य छुपाने सहित आपदा प्रबंधन , हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी, साजिश में शामिल होने सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।

इसके पूर्व सिटी अस्पताल के डायरेटर सरबजीत सिंह मोखा, देवेश चौरसिया व सपन जैन को भी आरोपित बनाया गया है। मामले में चार्जशीट पेश की जा चुकी है और ट्रायल में काफी वक्त लगा सकता है, इस कारण जमानत दिया जाए। तर्क दिया कि आवेदकों का कोई पुराना आपराधिक रिकार्ड भी नहीं है। आश्वासन दिया कि आवेदक नकली रेमडेसिविर मामले से जुड़े साक्ष्यों को प्रभावित नहीं करेंगी। साथ ही ट्रायल के दौरान हर पेशी में अपनी हाजिरी सुनिश्चित करेंगी।

वहीं सरकारी वकील प्रियंका मिश्रा ने जमानत का विरोध करते हुए बताया कि जसमीत कौर मोखा और मैनेजर सोनिया खत्री ने अस्पताल के रजिस्टर जलाने, नकली इंजेक्शनों के वायल नष्ट करने जैसे गंभीर आरोप हैं। हाईकोर्ट ने पूरे मामले पर गौर करने के बाद जमानत अर्जी मंजूर कर ली। जेल प्रशासन को सभी औपचारिकताएं पूरी कर रिहा करने के निर्देश दिए हैं