कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा स्थगित होने को लेकर की पत्रकारवार्ता

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रोहित नैय्यर ब्यूरों जबलपुर 

विधानसभा सत्र में हंगमा होने के बाद सत्र अनिश्चितकालीन स्थगित होने को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने सामने आ गयी है एक दूसरे के ऊपर आरोप प्रत्यारोप का दौर चालू हो गया है,,,इसी क्रम में जबलपुर कांग्रेस विधायक तरुण भनोट,विधायक लखन घनघोरिया,विधायक विनय सक्सेना,व विधायक संजय यादव ने विधानसभा सत्र में सत्ता पक्ष पर आरोप लगाते हुए बताया,,

जहा विधायक तरुण भनोट ने कहा कि शिवराज सरकार के सामने जब विधनसभा में जनहित के मुद्दे पर ध्यानाकर्षण कांग्रेस के समस्त विधायको ने उठाना चाह तो सरकार जनहित के मुद्दों पर बात ही नही करना चाहती थी,इसलिए 4 दिन का सत्र महज 3 घन्टे में अनिश्चितकालीन के लिए स्थगित कर दिया गया ,क्योंकि भाजपा की शिवराज सरकार के पास देने के लिए कोई जवाब नही थे,, विधायक तरुण भनोट ने कहा कि आज महंगाई चरम पर है,,पेट्रोल डीजल के दाम आसमान छू रहे है,बेरोजगारी,व दुष्कर्म के मामले में प्रदेश नंबर 1 पर है,कोरोना महामारी में लोगो की जाने गयी ,,मध्यप्रदेश में बाढ़ की स्थिति बनी हुई इन सभी मुद्दों पर विधानसभा में कांग्रेस के साथी विधायको ने प्रदेश सरकार से जवाब मांगा लेकिन सत्ता पर बैठी अलोकतांत्रिक सरकार के पास किसी भी मुद्दों पर जवाब नही थे, इसलिए उन्होंने सदन से भागना पड़ा,,वही अब इनके मंत्री कहते है कि विपक्ष सदन को चलने नही देना चाहती उल्टा चोर कोतवाल को डांटे।

27 % ओबीसी आरक्षण प्रदेश सरकार लागू नही करना चाहती।

वही ओबीसी आरक्षण को लेकर विधायक लखन घनघोरिया ने कहा कि कमलनाथ सरकार ने अरसे से लटका ओबीसी आरक्षण को 27 % प्रतिशत करने के लिए निर्णय लिया और उसे क्रियावान भी किया लेकिन भाजपा सरकार कभी नही चाहती कि ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत हो इसलिए कोर्ट में सरकार की पैरवी कर रहे इनके महाधिवक्ता ने आरक्षण मामले में 14 प्रतिशत आरक्षण को होल्ड रखने के लिए कहा इससे साफ स्पस्ट हो जाता है कि प्रदेश में बैठी भाजपा सरकार की नीति और नियत में कितना फर्क है,,

विधायक तरुण भनोट ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार जनआशीर्वाद यात्रा निकाल रही है,,ये बड़े दुर्भगय की बात है जहाँ जनता के बीच सरकार विफल हुई जब कोरोना से जनता जूझ रही थी,जब ऑक्सीजन की कमी से लोगो की मौत हुई,लोगो को खाने का राशन नही था ,लोग बेरोजगार हो गए और इन तमाम परेशानियों में सरकार मुँह छिपा कर बैठी थी,,सरकार को जन आशीर्वाद यात्रा नही जन जन माफी यात्रा निकालनी चाहिए और प्रदेश की जनता से घर घर जाकर माफी मांगनी चाहिये,
साथ ही जनहित के मुद्दों को लेकर कांग्रेस अब सड़क पर उतर कर जनता के मुद्दों की आवाज पुरजोर तरीके से प्रदेश भर में उठाएगी ।