एक रुपया मुहिम-बच्चों को दिये गए स्टेशनरी के सामान ,शिक्षा का महत्व और गुड टच बेड टच बताया

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हेमंत वर्मा 

प.बी.आर मिश्र विद्या मंदिर बुटेना एवं ताला पारा मे एक रुपया मुहिम की संचालिका कु. सीमा वर्मा द्वारा बच्चों को स्टेशनरी का सामान दिया और बच्चों को शिक्षा का महत्व , गुड टच बेड टच के बारे में ,अच्छे आचरण व्यवहार व अच्छे नागरिक के गुण बताते हुए बच्चों के बीच केक काटकर मुहिम की 5वी सालगिरह मनाई|
इस अवसर पर बुटेना स्कूल की प्रधान पाठिका श्रीमती रंजना तिवारी ने बताया कि सीमा वर्मा हर वर्ष हमारे विद्यालय में आकर बच्चों को स्टेशनरी का सामान बांटती है और बच्चों को बहुत सारी ज्ञान कि और शिक्षा संबंधित जानकारी बच्चों को बताती है इनके द्वारा स्कूल के 6 बच्चों की साल भर की फीस जमा की जाती है,

एक रुपया मुहिम के पांच साल पूरे होने के अवसर पर सीमा वर्मा से चलिए जानते है इनका अब तक का सफर कैसा रहा –
1 आप ने इस मुहिम की शुरुआत कब से की – जी इस मुहिम की शुरुआत 10 अगस्त 2016 से की है

2 इस मुहिम को संचालित करने का विशेष कारण – जी इस मुहिम को मैंने लोग को मोटिवेट करने के लिए शुरू किया, ताकि लोग अपने आस पास के लोगो कि मदद करें, खुद की मदद करें कभी हार ना माने | हमारे और गवर्नमेंट के बीच की कम्युनिकेशन गैप को दूर करने के लिए किया|

3 गर्वनमेंट और हमारे बीच के कम्युनिकेशन गैप कैसे दूर होंगे आप के अभियान से – जी गवर्नमेंट की बहुत सारी योजनाएं लॉन्च होती हैं लोगो के लिए, पर कम्युनिकेशन गैप होने कि वजह से सही लोगो तक पहुंच नहीं पाती
हम लोगो से अपील करते है आप जहां है जिस फील्ड मे है उसी फील्ड की जानकारी अपने आस पास के लोगो को दें ताकि जरूरतमंद लोग गवर्नमेंट स्कीम का लाभ ले सके ,जैसे आप मेडिकल फील्ड से है तो आप मेडिकल की जितनी सरकारी योजना है उसे अपने घर के लोगोंको अपने आस पास के लोगो को बताएं |

4 आप ने एक रुपया ही लोगो से लेना क्यों चुना आप ज्यादा ले सकते थे– जी मै लोगो को दी पॉवर ऑफ यूनिटी का संदेश देना चाहती थी, लोगो तक अपनी बात पहुंचाने के लिए मैंने यह रास्ता चुना ,इस लिए मै लोगो से एक रुपया ही लेती हूं |

5 अगर कोई आप को एक रुपया से ज्यादा देना चाहे तो फिर आप क्या करती है– जी मै उनके पूरे परिवार की तरफ से ले लेती हूं
अगर कोई ज्यादा अमाउंट देना चाहता है तो मै उनके द्वारा ही किसी बच्चे की साल भर की फीस जमा करवा देती हूं|

6 आप लोगो से एक एक रुपया कैसे लेती हैं- जी मै स्कूल, कॉलेज, ऑफिस, मे सेमिनार आयोजित कर लोगो से एक – एक रुपया सहयोग लेती हूं

7 अब तक आपने कितने रुपए इकट्ठा कर लिया – जी मैने अब तक दो लाख चौतीस सौ रुपए एकत्र किया है|

8 आप इन रुपयों का क्या करती है – जी मै इन रुपयों से बच्चों को स्टेशनरी के साथ उनके साल भर की फीस जमा करती हूं|

9 आप कैसे बच्चों की मदद करती हैं– जी। मैं बच्चों को उनके मौलिक अधिकारों की जानकारी के साथ, गुड टच, बेड टच , साइबर क्राइम, आदि की जानकारी देती हूं साथ में बच्चों को, लगभग 13 हजार से ज्यादा बच्चों को स्टेशनरी का सामान बांटा है34 बच्चों के साल भर की फीस जमा की है अभी 50बच्चों को फ्री टयूशन क्लास दे रहे है

10 आप को इस मुहिम में किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा आप ने शिक्षा को ही क्यों चुना– जी शुरुआत में तो लोग मजाक बनाते थे ,बेवकूफ समझते थे, लोगो ने तो मुझे भिखारी तक कहा पर मुझे उनकी बातों से न तब फर्क पड़ा ना अब|जी रही बात शिक्षा के फील्ड को चुनने का तो पढ़ेगा। इंडिया तभी तो आगे बढ़ेगा इंडिया

10 लोग आप से जुड़ना चाहे तो क्या करना होगा – जी लोगो से यही निवेदन है आप जहां है वहीं पर लोगो कि मदद करें आपसब हमारे टीम का हिस्सा है|

11आप ने एनजीओ क्यों नहीं बनाया – जी मै लोगो को समझना चाहती हूं कि देश सेवा ,समाज सेवा करने के लिए आप का किसी पोस्ट पर होना,या संस्था से जुड़ना जरुरी नहीं। एक भारतीय होना ही काफी है नी:स्वार्थ भाव से कार्य करना आप का फ़र्ज़ है देश के प्रति|

12 आप हमारे पाठको को क्या संदेश देना चाहेंगी – आप सभी देश के जिम्मेदार नागरिक हैं अपने मौलिक कर्तव्यों का पालन करें आप सब का एक जुट होकर देश हित मे। किया गया कार्य समाज को,देश को एक नई दिशा देगा