मंडला-न्यायिक प्रक्रिया में बच्चों की पहचान को प्रकट न करें , जिला कलेक्टर ने जारी किए आदेश

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शारदा श्रीवास ब्यूरो मंडला 

मंडला-कार्यालय कलेक्टर महिला एवं बाल विकास से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015 का क्रियान्वयन किया जा रहा है। किशोर न्याय अधिनियम की धारा 74 के प्रावधानों के तहत विधि का उल्लंघन करने वाले एवं देखरेख और संरक्षण के जरूरतमंद यथा अनाथ, बेसहारा अभ्यपर्तित आदि बालकों की समाचार पत्र, दृश्य माध्यम या किसी अन्य साधन से बच्चों की फोटो, कार्यस्थल। विद्यालय का नाम, परिवार का पता। गृह में आने का कारण या अन्य कोई निजी जानकारी जिससे बालक की पहचान प्रकट होती है को प्रतिषेध किया गया है।
धारा 74(1) किसी जांच या अन्वेषण या न्यायिक प्रक्रिया के बारे में किसी समाचार पत्र, पत्रिका या समाचार पृष्ठ या दृश्य माध्यम या संचार के किसी अन्य रूप में किसी रिपोर्ट में ऐसे नाम, पते या विद्यालय या किसी अन्य विशिष्टि को प्रकट नही किया जाएगा, जिससे विधि का उल्लंघन करने वाले बालक या देखरेख और संरक्षण के जरूरतमंद बालक या किसी बाल पीड़ित या किसी अपराध के साक्षी की, जो तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के अधीन ऐसे मामले में अंतवलित है, पहचान हो सकती है और न ही ऐसे बालक का चित्र प्रकाशित किया जाएगा।