3 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर पटवारी

Scn news india

संवाददाता सुनील यादव कटनी
कटनी। मध्य प्रदेश पटवारी संघ द्वारा 3 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल की जा रही है। जिलाध्यक्ष दादूराम पटेल व सचिव गजेंद्र राय के नेतृत्व में यह हड़ताल की जा रही है। आज सभी पटवारी कलेक्ट्रेट गेट के सामने खड़े होकर प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी कर रहे हैं। अपनी 3 सूत्री मांगों को पूरा करने की मांग रख रहे हैं दादूराम पटेल ने बताया कि वेतन विसंगति समय मान वेतनमान की मांग, ग्रेड पे 2100 से बढ़ाकर ₹2800 किए जाने सहित पटवारियों को गृह जिले में पदस्थापना करने की मांग सहित सीपीसीटी की परीक्षा की अनिवार्यता को समाप्त करने के लिए मांग रखी है। पटवारी संघ ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती तब तक यह प्रदर्शन जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान डीडी त्रिपाठी, तुला राम वर्मा, प्रकाश गुप्ता, अवध मिश्रा, निषाद बेगम, राकेश पांडे, चंद्रशेखर कोरी, दिलीप त्रिसोलिया सहित बड़ी संख्या में पटवारी मौजूद रहे।

मध्यप्रदेश पटवारी संघ भोपाल के प्रांतीय आवाह्न पर पूरे प्रदेश के साथ साथ कटनी जिले का पटवारी दिनांक10अगस्त 2021 से अपनी तीन सूत्रीय मांगों के समर्थन में तथा स्थानीय समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट कटनी के सामने टोटल शडडाउन करेगा प्रांतीय निकाय के चरण बद्ध कार्यक्रम के अनुसार सभी तहसीलों जिलों मैं समय समय पर ज्ञापन सौपकर शासन का ध्यान आकृष्ट कराया गया दिनांक 12जुलाई 21 से भू अभिलेख कार्य के अतिरिक्त कार्यों के बहिष्कार के साथ दिनांक 2अगस्तसे 5अगस्त तक तीन दिवसीय सामूहिक अवकाश रखा गया किंतु शासन द्वारा इस पर कोई चर्चा न होने से पटवारी संघ व्यथित है मध्यप्रदेश पटवारी संघ अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा का भी सहयोगी संगठन है।

जो दिनांक 29जुलाई2021 को एक दिवसीय समूहिक अवकाश पर रहकर अपनी मांगों को शासन तक पहुंचाने का प्रयास किया इस दिन पूरे प्रदेश में एक भी रजिस्ट्री नहीं होने से शासन को लगभग20000000/ रु( बीस करोड़ रुपए) के राजस्व की हानि का अनुमान है पटवारियों के अनिश्चित कालीन हडताल पर जाने से जन सामान्य को जहां कठिनाइयों का सामना करना तो पडेगा ही वहीं नामांतरण, बटवारा, ऋणपुस्तिका, सीमांकन, बसूली, जाति प्रमाणपत्र, रजिस्ट्री प्रतिवेदन, न्यायालय में प्रतिवेदन पेश किया जाना प्रोटोकॉल, अतिबृष्टि बाढ से हुई क्षति का आंकलन किया जाना अतिक्रमण रिपोर्ट, आनलाइन गिरदावरी का कार्य आदि टोटल प्रभावित होंगे समय से आनलाइन गिरदावरी न होने से कृषकों का पंजीकरण पूर्णतः प्रभावित होगा जिससे खरीफ फसलों के खरीदी का कार्य ठप्प हो जायेगा।

जन सामान्य को होने वाली असुविधा के लिए खेद है तथा शासन से आपेक्षा है कि पटवारी संघ के प्रांतीय प्रतिनिधि मंडल से चर्चा कर हल निकाला जाय अन्यथा पूरे प्रदेश का पटवारी इस मौसम में जहां पक्षी भी अपना घोंसला नहीं छोडते बारिश में टेंट लगाकर हडताल मैं जाने के लिए मजबूर होगा।