21 प्रकार के बीमारियों और लक्षणों को दिव्यांगता की श्रेणी में रखा गया

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हर्षिता वंत्रप 

भोपाल- आयुक्त निशक्तजन कल्याण श्री संदीप रजक की अधक्षयता में एडवोकेसी बैठक  जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय सभा गृह में आयोजित  हुई। बैठक में  दिल्ली से आए भारत सरकार की गठित समिति सलाहकार बोर्ड के सदस्य डॉक्टर सुकुमार और डॉ पवन स्थापक ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ चर्चा की।

   बैठक में अपर कलेक्टर श्री उमराव मरावी और अन्य विभागों के अधिकारी बैठक में उपस्थित रहे। आयुक्त श्री रजक ने बताया कि पहले केंद्र सरकार में सात प्रकार की दिव्यांगता शासन द्वारा अधिसूचित थी। अब व्यपाक सर्वे और रिसर्च के बाद  21  प्रकार की दिव्यांगता को सूचित किया गया है इसके लिए व्यापक रूप से प्रचार प्रसार किया जाए और सभी स्कूलों में फॉर्म जमा करने के पहले प्राथमिक और नर्सरी क्लास फार्म जमा होते समय ही इन सभी प्रकार की दिव्यांगताओ का परीक्षण किया जाना चाहिए,  जिससे इसकी पहचान की जा सके और उनका उपचार किया जा सके।
    इन सभी प्रकार की दिव्यांगों के संबंध में व्यापक परीक्षण किया जाना चाहिए जिससे शिक्षकों और पालकों को भी इस संबंध में बताया जाए और इसकी कार्यशाला और प्रशिक्षण दिया जाए।
 यदि दिव्यांगता के बारे में बच्चे की 6 वर्ष की उम्र तक जांच में पता लगाया जा सकता है तो इस दिव्यांगता को ठीक भी किया जा सकता है, इसके लिए शासन स्तर पर व्यापक रूप से सर्वे और स्क्रीनिंग कराने की आवश्यकता है।
   भोपाल जिले में आप सभी स्कूलों में इस प्रकार के फॉर्म उपलब्ध कराने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दिए हैं इसके साथ ही जिला परिवहन अधिकारी के प्रतिनिधि को बताया कि 15 दिनों में सभी बसों में यह सुनिश्चित किया जाए की बसों में 21 प्रकार की दिव्यांगताओं पर आधारित प्रमाण पत्र होने पर उनको 50% किराए  में छूट दी जाए और इसके साथ ही 5 सीटें बसों में आरक्षित रहें। इसके लिए 7 दिन में सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए भी कहा गया।
   जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया की भोपाल में शासकीय स्कूल में कक्षा 1 से 8 तक 2000 से अधिक बच्चे दिव्यांगता स्कूलों में शिक्षा रत है और 9से 12  तक क्लास के बच्चे 251 बच्चो ने प्रवेश लिया हुआ है। सभी को शासन द्वारा ऑडियो में 1400 से 2 हजार रूपए की  अनुदान राशि उनके अकाउंट में उपलब्ध कराई जा रही है।  आयुक ने इसके लिए भी सभी विभागों को व्यापक रूप से इसके संबंध में पंपलेट और फ्लेक्स लगाने के निर्देश दिए हैं।
   भारत सरकार के समिति सलाहकार डॉक्टर सुकुमार ने बताया कि द अभी तक 21 प्रकार के दिव्यांगताओ को अधिसूचित किया गया है, इनको पहचानना और इनका परीक्षण के लिए विशेष अभियान चलाकर किया जाना चाहिए।
 महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन और एडिशन जैसे महान वैज्ञानिक भी विशेष प्रकार की दिव्यांगता से पीड़ित रहे हैं।
   फिल्म स्टार अभिषेक बच्चन भी लर्निंग डिसेबिलिटी से बचपन में पीड़ित रहे आज मशहूर फिल्म कलाकार इस को दूर किया जा सकता है।  लेकिन इन सब कमजोरियों  को माता-पिता और स्कूल शिक्षकों को पहचानने में बहुत देर हो जाती है जिससे यह परेशानी जीवन पर बनी रहती है इसके लिए आवश्यक है कि जीरो से 3 वर्ष और 6 वर्ष तक के बच्चों में स्क्रीनिंग का पता लगा लिया जाए।
   विश्व स्तर पर इसको विशेष योग्यता की शैली में रखा गया है आपने बताया ऑटिज्म से 80 जन्मे हुए बच्चों में से 1 बच्चे में इसके लक्षण होते हैं किंतु इसकी समय पर जांच होने से इसे ठीक किया जा सकता है।
   दृष्टि बाधित उपचार समिति के सदस्य डॉ पवन स्थापक ने कहा कि इस बार भारत सरकार ने विशेषज्ञ लोगों को समितियों में जगह दी है जिससे कि उनकी योग्यताओं के अनुसार चला लेकर सभी का बेहतर तरीके से शासन की योजनाओं का लाभ दिया जा सके और बेहतर योजना बनाकर उन तक पहुंचा जा सके इसके लिए सभी स्कूलों में सर्वे स्क्रीनिंग के साथ 21 दिनों का फॉर्म उपलब्ध कराया जाए और इसके लिए शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिए जाने के भी बात कही आपने बताया कि इस बार ओलंपिक में 7 पदक मिले हैं और अब होने वाले पैरा ओलंपिक में भारत को इससे अधिक पदक मिलने की उम्मीद है भारत की दिव्यांग क्रिकेट टीम चार बार से विश्व चैंपियन दिव्यांगता को विशेष योग्यता के तहत हम सब को गर्व होना चाहिए आयुक्त ने कहा कि भोपाल में इसके लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे और बाधारहित निर्माण के लिए सभी शासकीय कार्यालयों में व्यवस्था की जाएगी नवनिर्मित होने वाले भवनों में इसके लिए बाधारहित निर्माण आवश्यक है इसके बिना इनको पूर्णता प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराया जाता इसके साथ ही बनाने के लिए नक्शे मंजूरी के लिए आते हैं उसमें भी आवश्यक रूप से निर्माण की व्यवस्था की जाती है।