विश्व आदिवासी दिवस पर घोषित अवकाश के निरस्त होने पर, समुदाय ने की घोर निन्दा

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शारदा श्रीवास ब्यूरों मंडला

संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) द्वारा 9 अगस्त को विश्व भर में निवासरत आदिवासी समुदाय की पहचान, भाषा, संस्कृति, शिक्षा, स्वास्थ एवं रोजगार आदि के संरक्षण हेतु वचन दिया था। तब से हर वर्ष आदिवासी समुदाय द्वारा 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस को पर्व के रूप में मनाते आ रहे हैं। इस दिन समस्त आदिवासी समुदाय द्वारा सामाजिक चिंतन एवं समीक्षा की जाती है। मण्डला जिले में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम की भव्यता के मद्देनजर इस दिन शासकीय अवकाश और उससे पूर्व कलेक्टर द्वारा स्थानीय अवकाश घोषित होता आया है। पूर्व में शासन द्वारा 9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस को सम्पूर्ण प्रदेश में शासकीय अवकाश घोषित किया गया था किन्तु वर्तमान सरकार द्वारा 28 नवम्बर 2020 को इसे परिवर्तित कर ऐच्छिक अवकाश घोषित किया गया है। कार्यक्रम की रूपरेखा तय करने जिला कलेक्टर मण्डला द्वारा दिनांक 04/08/2021 सर्व आदिवासी समाज संघठनों के पदाधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक ली गई। जिसमें कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए कार्यक्रम आयोजित किये जाने एवं समस्त विकास खण्ड एवं ग्राम पंचायतों स्तर पर प्रशासन के सहयोग से वृक्षारोपण आदि का कार्य तय किया गया था और दिनांक 5/08/2021 को स्थानीय अवकाश घोषित किया गया। लेकिन अचानक 2 घंटे बाद बिना किसी सूचना के घोषित अवकाश निरस्त कर सर्व आदिवासी सामाजिक संगठन प्रतिनिधि/जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा और अपमान किया गया है। इससे यह समझ आता है कि जिल कलेक्टर द्वारा राजनीतिक दबाव के चलते आदिवासी विरोधी निर्णय लिया गया है, जो समझ से परे है। तत्संबंध में सर्वआदिवासी समुदाय द्वारा जिला कलेक्टर मण्डला की घोर निन्दा करते सर्व आदिवासी समुदाय द्वारा 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस पूर्वतः कोरोना गाइड लाइन करते हुए हर्ष उल्लास के साथ ग्राम पंचायत विकास खण्ड और जिला स्तर पर पर्व मनाया जायेगा।

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