जल्द हो शुरू आदिवासी बालिकाओं के लिए कन्या परिसर का निर्माण कार्य विश्व आदिवासी दिवस पर अवकाश की मांग आदिवासी संगठनों द्वारा सौंपा गया ज्ञापन

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दिलीप पाल 
आमला। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चैहान ने बड़वानी जिले में आयोजित एक कार्यक्रम में आदिवासी बालिकाओं के लिए आमला में विशिष्ट आवासीय कन्या शिक्षा परिसर खोले जाने जाने की घोषणा की थी जिस पर अभी तक आमला में अमल नही हो पाया है। जिसकों लेकर आदिवासी समुदाय में नाराजगी है आज आदिवासी समाज के सभी संगठनों द्वारा एकजुट होकर राज्यपाल के नाम तहसीलदार आमला को ज्ञापन सौंपा। आदिवासी समाज ने मांग की है कि मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल हो। जल्द से जल्द आदिवासी बालिकाओं के लिए होस्टल खोला जाए। निर्माण कार्य शुरू किया जाए जिससे गरीब आदिवासी बालिकाओं को पढ़ाई करने में सुविधा हो। ज्ञापन के माध्यम से आदिवासी समाज ने चेतावनी भी दी कि यदि जल्द शासन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नही दिया तो उग्र आंदोलन किया जाऐगा। ज्ञापन सौपने के पहले आदिवासी समुदाय द्वारा नारेबाजी भी की गई।

ज्ञापन सौपने के बाद राजेश वट्टी जितेन्द्र शर्मा, ने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने आमला में कन्या परिसर खोलने की घोषणा की है आदिवासी समुदाय के लिए खोले जाने वाले आवासीय कन्या परिसर का कार्य अभी तक प्रारंभ ही नही किया गया है। जल्द से जल्द भूमि का चयन कर निर्माण कार्य शुरू किया जाना चाहिए। वही अर्जुन उइके, सुखराम कुमरे, झामु धुर्वे ने कहा कि आमला में कई हेक्टेयर शासकीय भूमि रिक्त पड़ी है भूमि की कोई कमी नही है जल्द से जल्द मुख्यमंत्री जी की घोषणा पर अमल हो। ज्ञापन सौपने पंहुचे कोरकु समाज के राजु सिलू ने कहा कि आमला ब्लाॅक आदिवासी बाहुल्य है बड़ी संख्या में गरीब वर्ग के लोग रहते है आदिवासी बालिकाओं के लिए होस्टल खुलना चाहिए।

 

ज्ञापन सौपते समय जनपद सदस्य राजेश वट्टी, जितेन्द्र शर्मा, सरपंच सुखराम कुमरे, जनपद सदस्य केवल झामु धुर्वे, साधुराम कुमरे, कोरकु समाज के ब्लाॅक अध्यक्ष राजू सिलू, आदिवासी संगठन के अर्जुन उइके, जौहरी वाड़िवा, मांझी सरकार के बलीराम उइके, मुन्नालाल उइके, चेपा भगत, बलस उइके, हेमराज कनोजे, सरपंच शंकर धुर्वे, मुकेश उइके, आदिवासी विकास परिसषद के ब्लाॅक अध्यक्ष अनिल इवने, गरीबा कवड़े,शेखर साहु, शेखलाल, लखन उइके, रतन धुर्वे, इमरत उइके, सुखमन मर्सकोले, सहित बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित थे।


आदिवासी दिवस पर हो अवकाश
आदिवासी संगठनों द्वारा आदिवासी दिवस पर अवकाश घोषित करने की मांग भी की। आदिवासी विकास परिषद के अनिल इवने, ने बताया कि पिछले साल आदिवासी दिवस पर अवकाश था इस साल अभी तक सरकार ने इसकी घोषणा नही की है विश्व आदिवासी दिवस पर अवकाश होना चाहिए।
दी चेतावनी
ज्ञापन सौंपने के बाद आदिवासी समाज के अर्जुन उइके, मुन्नालाल उइके, राजेश वट्टी आदि ने चेतावनी भी दी कि यदि विश्व आदिवासी दिवस पर अवकाश घोषित नही किया गया और कन्या परिसर का निर्माण कार्य जल्द शुरू नही किया गया तो आदिवासी समाज के सभी संगठन उग्र आंदोलन करेंगे।