नगर पालिका आमला में लागू नही होती स्थानांतरण नीति – वर्षो से एक स्थान पर पदस्थ कर्मचारी ने जमाया कुर्सियों पर कब्जा

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दिलीप पाल 

आमला. नगर पालिका परिषद आमला में शासन की स्थान्तरण नीति लागू नही होती है इसका प्रत्यक्ष उदाहरण यह है कि नगर पालिका परिषद आमला में बीते कई वर्षों से एक ही स्थान पर रहकर बाबुओं ने अपना कब्जा जमा रखा है राजनीतिक पेड़ बनाकर एक ही स्थान पर बाबू लोग जमे हुए हैं इस वजह से इनका स्थानांतरण अनियंत्रित जगह नहीं हो पाता है क्योंकि बताया जा रहा है कि बैतूल से लेकर भोपाल तक सफेदपोश नेताओं के यहां इनका बहुत आना जाना है सत्तारूढ़ पार्टी के बड़े नेताओं के यहां प्रति माह इनका आना जाना लगा हुआ रहता है इससे अंदाजा लगया जा सकता है कि इनको यहां से हटाना बहुत ही मुश्किल है क्योंकि बैतुल से नेताओ द्वारा इनको यही पर रखने की अनुशंसा की जाती है इस वजह से बीसो सालों से एक ही स्थान पर पदस्थ होकर नौकरी कर रहे हैं जब भी स्थान्तरण का मौसम आता है तो बाबुओं का बैतुल से भोपाल आना जाना शुरू हो जाता है इस कारण से कई वर्षों से बाबुओं ने अपनी अच्छी खासी पैठ बना रखी है जबकि राज्य स्थानान्तरण नीति ने नियम के अनुसार तीन साल में तबादला किया जाना चाहिए लेकिन यहां शासन की स्थानांतरण नीति लागू नहीं हो रही है वही नगरीय प्रशासन विभाग भी इस ओर कोई कार्यवाही नही कर रहा है जबकि एक स्थान पर सालों से पदस्थ रहकर शासन के नियमो को ठेंगा बताना साबित हो रहा है इस विषय नगर के जागरूक नागरिक महेन्द्र सूर्यवंशी ने बताया कि नगर पालिका परिषद में पदस्थ बाबुओं की पदस्थापना कब हुई थी कब से बाबूजी आमला में पदस्थ है इसकी उच्च स्तरीय जाच होनी चाहिए और राज्य स्थान्तरण नीति के अनुसार बाबुओं का तबादला अन्यत्र स्थान पर किया जाना चाहिए।