बेड़ियों में जकड़ी जिंदगी, इस कैद ये कैसी आजादी

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जबलपुर से रोहित नैय्यर की रिपोर्ट

जबलपुर से महज 25 किलोमीटर दूर ग्राम बघराजी से मानवता को शर्मशार करने वाली तस्वीरे सामने आई जहा एक विक्षिप्त हाथों में हड़कडी और पैरों में बंधी बेड़ियां लिए सड़कों पर घूम रहा है,,, वही आज तक इस विक्षिप्त पर जिम्मेदारों की नजर नही पड़ी है या यूं कह ले की हाथों में हड़कडी और पैरों में बंधी बेड़ियो में घूम रहे विक्षिप्त को देख कर भी नजरअंदाज कर दिया,,लेकिन जब acn भारत की टीम की नजर सड़क पर घूमते हुए विक्षिप्त पर पड़ी,तो टीम ने इस मार्मिक दृश्य को अपने कैमरे में कैद किये,और गाँव के जिम्मेदारों से सवाल किए तो उन्होंने अपनी गलतियों का अहसास हुआ,और उन्होंने माफी मांगते हुए इस विक्षिप्त युवक के हालात सुधारने की बात कही।

 

दर्शल ग्राम बघराजी में ये विक्षिप्त चक्रवती परिवार से आता है जिसका परिवार बेहद गरीब है वही इस विक्षिप्त की देखभाल इसके माता पिता करते थे लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था,जहा अपने कलेजे में पत्थर रखखर अपने विक्षिप्त बेटे की देखभाल करने वाली माँ तीन महीने पहले दुनिया से विदा हो गयी,लेकिन इस विक्षिप्त की आस बने उसके पिता भी एक माह पूर्व दुनिया से अलविदा हो गए,जहा देखभाल करने वाले माता पिता का साया छीनने के बाद विक्षिप्त युवक अकेला रह गया,

वही अब विक्षिप्त युवक की देखभाल उसका छोटा भाई और भाभी करती है,जब इस बात को लेकर ग्रामवासियों से जानकारी लेनी चाही तो ग्राम वासियो का कहना था कि कई वर्षों से यह युवक विक्षिप्त है,,जो सड़को पर घूमता रहता है और गाँव वासियो को पत्थर उठाकर मार देता या फिर सड़को पर खड़ी गाड़ियों के कांच फोड़ देता था,,जिसको देखते हुए युवक के परिवार वालो ने उसके हाथों में हथकड़ियां और पैरों में बेड़ियां बांध दी,,,वही जब सरपंच पति से विक्षिप्त युवक के हालात के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि गाँव में जो भी योजनाएं आती है उसका लाभ दिया जाता है किंतु युवक को उनके द्वारा कही इलाज के लिए नही भेजा गया जिसके लिए उन्होंने माफी मांगी,,और युवक के इलाज की बात कही उन्होंने कहा कि इस संबंध में कलेक्टर जबलपुर को भी जल्द अवगत कराया जाएगा जिससे युवक का इलाज हो सके।।

इधर जनपद कुंडम की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत में बनी पुलिस चौकी में जब इस संबंध में टीम जानकारी लेने पहुची तो पुलिस चौकी के हालात देख कर ऐसा लगा जैसे सभी पुलिस कर्मि छुट्टी पर है,बगल में बने हनुमान मंदिर में रामायण के बोल तो गूंज रहे थे लेकिन पुकिस चौकी के अंदर पुलिस तो नदारद नजर आयी लेकिन अंदर पसरे सन्नाटे के बीच कुत्ते थाने की रखवाली में आराम फरमा रहे थे,,,

बरहाल अब देखना होगा कि हमारी इस खबर के बाद जिला प्रशाशन कब संघ्यान लेकर इस विक्षिप्त युवक के हाथों में बंधी हथकड़ियों और पैर में बंधी बेड़ियो से कब आजाद करवाता है।।।