स्थानीय कलाकारों को फिल्म में काम करने का सुनहरा अवसर -ऑडिशन 01 अगस्त को

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  • बैतूल मे बनेंगी जंगल सत्याग्रह फिल्म
  • स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सरदार गंजनसिंग कोरकू, सरदार विष्णुसिंग उइके पर आधारित फिल्म
  • 01 अगस्त को बगडोना बस्ती(सारणी) मे ऑडिशन

हर्षिता वंत्रप 
बैतूल -गोंडवाना अंचल के वीर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सरदार गंजनसिंग कोरकू व सरदार विष्णुसिंग उइके के जीवन पर यूँ तो कई किताबें लिखी गई यदाकदा सामाजिक मंचो पर दोहराई भी जाती है। लेकिन इसका दायरा सीमित और संकुचित है। किन्तु अब बैतूल गोंडवाना अंचल की माटी  जुड़े एक होनहार युवा प्रदीप उइके ने इस पहचान को फिल्म के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर तक पंहुचाने का बीड़ा उठाया है। जिसकी प्रारंभिक तैयारियां पूरी हो चुकी है। 

फिलहाल फिल्म जंगल सत्याग्रह के लिए एक्ट्रेस खोजे जा रहे है, जिसका एक ऑडिशन बैतूल मे हो चूका है, एवं दूसरा ऑडिशन बगडोना बस्ती(सारणी) गैस एजेंसी के सामने मे होंगा, फिल्म जंगल सत्याग्रह 1930 के दशक कि रियल हिस्ट्री पर आधारित है,जिले का नाम आज भी गौरान्वित होता है, सरदार गंजनसिंग कोरकू, और सरदार विष्णुसिंग उइके ने अंग्रेजो से लोहा लेकर इतिहास रच दिया, बैतूल कि माटी का नाम पुरे देश मे आज भी जंगल सत्याग्रह के नाम से गूँजता है, बैतूल जिले के मुलताई तहसील के छोटे से गांव कोल्हिया-मालेगांव के रहने वाले युवा प्रदीप उइके ने फिल्म कि कहानी लिखी और उसे डायरेक्ट भी करेंगे, गोंडवाना प्रोडक्शन फिल्म को प्रोड्यूस करेंगी, फिल्म के रिलीज के लिए वेब Gondwanaproduction.Com ओटीटी प्लेट फॉर्म, app भी तैयार किया गया,फिल्म मे मुख्य 40 किरदारों कि भूमिका रहेंगी जिसमे 5 अंग्रेज अफसर, 5 हिरो, 6 हीरोइन, फिर अन्य कलाकार लगेंगे, फिल्म बनाने का उदेश्य बैतूल के इतिहास को राष्ट्रीय पहचान दिलाना, एवं जिले वासियो को इतिहास से रूबरू करवाना ही मुख्य उदेश्य है।

फिल्म के निर्माता ,निर्देशक  एवं लेखक प्रदीप उइके ने बताया कि  1 अगस्त को बगडोना बस्ती सारणी में  गैस एजेंसी के सामने ऑडिशन लिया जाएगा। जिसमे क्षेत्र की प्रतिभाओं को अवसर दिया जाएगा। जिस हेतु सभी आवश्यक तैयारियां एवं अनुमतियाँ ले लो गई है।